भारतपाक वार्ता को लेकर आडवाणी व मनमोहन में नोकझोंक
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री डॉमनमोहन सिंह ने हाल की भारतपाक वार्ता को लेकर भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के आरोपों पर पलटवार करते हुए इस आरोप को नकार दिया कि दोनों प़डोसी देशों के बीच संबंधों को लेकर अमेरिका का कोई दबाव है।
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति बराक ओबामा के सत्ता में आने के बाद भारतपाक संबंधों पर अमेरिकी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। आडवाणी के करीब ७५ मिनट के भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने कम से कम चार बार हस्तक्षेप किया। उन्होंने भारतपाक वार्ता के अलावा सशस्त्र बलों के लिए ‘एक रैंक एक पेंशन’ पर भी अपनी बात रखी। सिंह ने आडवाणी से कहा, ‘आप इस चर्चा का इस्तेमाल बीज बोने के लिए कर रहे हो, आप ओबामा के बारे में जो कह रहे हैं, वह सही नहीं है। राष्ट्रपति ओबामा के साथ मेरी बातचीत में उन्होंने (ओबामा ने) साफ कहा है कि भारत और पाकिस्तान संबंधों को लेकर अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।’ आडवाणी ने कहा था कि भारतपाक विदेश सचिव स्तर की वार्ता के पीछे अमेरिका का हाथ था, क्योंकि ओबामा नेसार्वजनिक रूप से कहा था कि वह कश्मीर मुद्दे के समाधान की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका की स्थिति में बदलाव का प्रतीक है, क्योंकि पूर्व के अमेरिकी प्रशासन ने कहा था कि वे भारतपाक संबंधों के बीच में तब तक मध्यस्थता नहीं करेंगे, जब तक दोनों देश ऐसा न चाहते हों।
