भारत व ब्रिटेन के बीच ५७ हॉक विमानों के लिए करार
बेंगलूर। ब्रिटेन के साथ रक्षा संबंधों को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक और कदम ब़ढाते हुए भारत ने आज ब्रिटिश एरोस्पेस सिस्टम्स (बीएई) के साथ ५२०० कऱोड रुपये का एक करार किया है, जिसके तहत भारत को ५७ हॉक एडवांस्ड जेट ट्रेनर विमान मिलेंगे।
भारत ने ब्रिटेन से दूसरी बार यह खरीद की है। गौरतलब है कि १८ वषा] की बातचीत के बाद २००४ में भी भारत ने ६६ हॉक विमानों के लिए ब्रिटेन के साथ एक समझौता किया था। इस करार पर हस्ताक्षर समारोह के समय भारत यात्रा पर आए ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड केमरन, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अशोक नायक और कर्नाटक के गृह मंत्री वीएस आचार्य भी मौजूद थे। केमरून ने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर के प्रत्यक्षदर्शी बनकर वह बहुत प्रसन्न हैं। केमरून ने इस अवसर पर कहा, ‘भारतब्रिटेन रक्षा और औद्योगिक साझीदारी का यह एक उल्लेखनीय उदाहरण है। इस समझौते से दोनों देशों को उल्लेखनीय आर्थिक फायदे होंगे।
यह इस बात का साक्ष्य है कि वाणिज्यिक विदेश नीति सक्रिय है।’ मई में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने के बाद बेंगलूर से केमरून की पहली भारत यात्रा की शुरुआत हुई। इंफोसिस परिसर में केमरन ने कहा कि हां, यह एक व्यापारिक मिशन है, लेकिन मैं इसे अपने दायित्व के मिशन के तौर पर देखता हूं। बीएई सिस्टम्स के प्रबंध निदेशक और चीफ एक्जीक्यूटिव (भारत) एंड्रयू गेलघेर ने संवाददाताआें से कहा कि ५७ हॉक विमानों का निर्माण हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स में किया जाना है। इनमें से ४० हाक भारतीय वायुसेना में और १७ अन्य नौसेना में शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि पहली बार भारतीय नौसेना को पहली बार हाक मिल रहे हैं। इस समझौते पर एचएएल के निदेशक कारपोरेट प्लानिंग पीसुंदरराजन, बीएई के समूह प्रबंध निदेशक गाई ग्रिफिथ और रोल्स रोयस सेल्स एंड कमर्शियल निदेशक क्रिस अवाडे ने हस्ताक्षर किये।
