ओबामा ने कुरान जलाने की योजना के प्रति आगाह किया
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने फ्लोरिडा के पादरी से ११ सितंबर के हमले की बरसी पर कुरान जलाने की योजना को त्यागने की अपील करते हुए आज चेतावनी दी कि यह कृत्य अलकायदा में भर्ती के लिए प्रोत्साहन का काम करेगा। ओबामा ने ‘एबीसी न्यूज’ से बातचीत में कुरान जलाने संबंधी विवाद पर कहा, ‘यह अलकायदा में भर्ती के लिए प्रोत्साहन का काम करेगा। ऐसे लोग अधिक संख्या में भर्ती होंगे, जो अपने शरीर में बम बांधकर अमेरिकी या यूरोपीय शहरों में अपने को उ़डा लेना चाहते हैं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे स्थानों पर गंभीर हिंसा होने लग जाएगी।’
उल्लेखनीय है कि पादरी टेरी जोंस ने अमेरिका पर ११ सितंबर के हमले की नौंवी बरसी पर कुरान की २०० प्रतियां जलाने की घोषणा की है, जिसके बाद ओबामा का यह बयान आया है।
ओबामा ने जोंस के इस योजना पर आगे नहीं ब़ढने की उम्मीद जताते हुए कहा, ‘यदि वह सुन रहे हैं, तो मैं उम्मीद करता हूं कि वह यह भी समझते होंगे कि वह जो कुछ करने जा रहे हैं, वह अमेरिकियों के मूल्यों के सर्वथा विपरीत है। अमेरिका की बुनियाद ही धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक सहिष्णुता है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं बस इतना चाहता हूं कि वह यह बात समझें कि वह जो कुछ करने जा रहे हैं, उससे इराक और अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की जान गंभीर खतरे में प़ड जाएगी। उनकी धमकी मात्र से ही हम पहले से ही अमेरिकियों के प्रति जबर्दस्त विरोध देख रहे हैं।’ हालांकि ओबामा ने यह भी कहा कि सरकार को स्वयं पर तरस आ रहा है, क्योंकि वह कुछ करने की स्थिति में नहीं है।
उधर, अमेरिकावासियों ने भी राजनीतिक तथा वैचारिक सरोकारों से ऊपर उठते हुए कुरान शरीफ की प्रतियां जलाने की योजना की एक सुर में निंदा की है। दूसरी ओर, इस्लामी धार्मिक ग्रंथ का अपमान करने पर आमादा चर्च के पादरी टेरी जोंस ने अपने मंसूबे पर अमल करने का संकल्प लिया है।
रिपब्लिकन नेता और अलास्का की पूर्व गवर्नर सारा पालिन ने फेसबुक तथा ट्िवटर पर अपनी पोस्टिंग में पादरी जोंस से अपनी विवादास्पद योजना छ़ोडने की गुजारिश करते हुए कहा है कि उसका यह इरादा अनावश्यक उकसावे के समान है।
पालिन ने पादरी से कहा कि इससे क़डवाहट भरी बयानबाजी की आग भ़डकेगी और इससे तुच्छ भावना वाली धार्मिक असहिष्णुता के सिवा कुछ हासिल नहीं होगा। यह आग मत भ़डकाइये। उन्होंने कहा कि किताब जलाना अमेरिकी आदशा] के खिलाफ है। कुरान शरीफ की प्रतियां जलाना असंवेदनशीलता का परिचायक तो है ही, साथ ही इससे भावनाएं भी भ़डकेंगी, काफी हद तक वैसे ही जैसे कि ग्राउंड जीरो के नजदीक मस्जिद निर्माण के प्रस्ताव को लेकर भ़डकी हैं।
उधर, पादरी जोंस ने कहा है कि दुनिया में हो रहे विरोध के बावजूद वह कुरान शरीफ की प्रतियां जलाने की अपनी योजना को अंजाम देगा। अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कल पादरी के इरादों को अफसोसनाक और अपमानजनक करार दिया था। वहीं अफगानिस्तान में तैनात अमेरिकी कमांडर डेविड पेट्रास ने कहा कि पादरी के इस कदम से अमेरिकी सैनिक और असुरक्षित हो जाएंगे।
