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पाक में 26/11 के सिदधों के िखलाफ सबूत दज

Swatantra Vaartha  Sun, 31 Jan 2010, IST

पाक में २६/११ के सिदधों के िखलाफ सबूत दज

इलामाबाद । मुबइ हमलों के सबध में लकरएतयबा के कमाडर जकीउर रहमान लखवी समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा चला रही आतकवाद निरोधक अदालत में आज आरोपियों के खिलाफ सबूत आर गवाहों के बयान दज किए गए।

सूाें ने सवाददाताआें को बताया कि रावलपिंडी की आतकवाद निरोधक अदालत में यायाधीश मलिक मुहमद अवान के सामने सरकारी अभियोजकों के दल ने आरोपियों के खिलाफ सबूत पेश किए।

सबूतों का वितत विवरण तुरत नहीं पता चल सका। अदालत में एक यक्षदर्शी जहीर अहमद सापरा के भी बयान दज हए, जिसने बताया कि उसने एक यामाहा इजिन बुक किया गया था, जो हमलावरों ारा उपयोग में लाइ गइ नाका में लगा था। सूाें ने बताया कि सापरा ने कहा कि उसने सिफ इजन बुक किया था आर वह आरोपियों को यगित तार पर नहीं जानता था। भारतीय जाचकता पहले ही साबित कर चुके ह कि नाका में लगा यामाहा इजिन एक जापानी कपनी ने बनाया था आर उसे लाहार की एक फम बिजनिस एड इजीनियरिग टेंडस में लाया गया था। आरोपियों में से कुछ के वकील शाहबाज राजपूत ने बताया, ‘सबूतों के तुतिकरण के बाद यायाधीश ने मामले की सुनवाइ १३ फरवरी तक के लिए थगित कर दी ह।’

इससे पहले २३ जनवरी को हइ सुनवाइ का बचाव पक्ष के वकीलों ने बहिकार किया था। वकीलों का आरोप था कि लाहार हाइकोट के आदेश के अनुप रावलपिंडी की अडाला जेल में बद उनके मुवकिलों से मुलाकात की यवथा आर उहें सुरक्षा मुहया कराने में अधिकारी विफल रहे। सुरक्षा कारणों से जज अवान अडाला जेल में ही मामले की सुनवाइ कर रहे ह। लखवी के अलावा अय आरोपियों, जरार शाह, अबू अलकामा, हमाद अमीन सादिक, शाहिद जमील रियाज, जमील अहमद आर यूनुस अजुम को भी अडाला जेल में रखा गया ह। इन सभी पर पिछले साल मुबइ में नवबर, २००८ में हए हमलों की योजना बनाने आर हमलों को अजाम देने में मदद करने का आरोप तय किया गया था। लाहार उ यायालय की रावलपिंडी आधारित एक खडपीठ ने इस सताह लखवी की इस मामले में बरी किए जाने सबधी याचिका पर अपना फसला सुरक्षित रखा था। यायाधीशों के फसला सुरक्षित रखने के बाद दोनों यायाधीशों को लाहार वापस बुला लिया गया।

अब आशा की जा रही ह कि उनकी जगह पर आए यायाधीश फसला सुनाएगे। लखवी ने आतकवाद निरोधक अदालत में खुद को बरी किए जाने की याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। इसे चुनाती देते हए लखवी ने उ यायालय में याचिका दायर की थी।

लाहार उ यायालय की रावलपिंडी आधारित एक खडपीठ ने इस सताह लखवी की इस मामले में बरी किए जाने सबधी याचिका पर अपना फसला सुरक्षित रखा था। यायाधीशों के फसला सुरक्षित रखने के बाद दोनों यायाधीशों को लाहार वापस बुला लिया गया। अब आशा की जा रही ह कि उनकी जगह पर आए यायाधीश फसला सुनाएगे। लखवी ने आतकवाद निरोधक अदालत में खुद को बरी किए जाने की याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।

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