लायक अली का पलायन
लायक अली का पलायन
मीर लायक अली हैदराबाद राज्य (निजाम शासित) का अंतिम प्रधानमंत्री था। वह एक सफल व्यवसायी था न कि एक राजनीतिज्ञ। कासिम रजवी के निकट होने के कारण उसे राज्य का प्रधानमंत्री बनाया गया।
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महिलाएं अपराध की तरफ उन्मुख क्यों
महिलाएं अपराध की तरफ उन्मुख क्यों
समाज में यह धारणा बनी है कि जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में महिलापुरुषों की भागीदारी में प्रतिशत का ब़डा अंतर है। कुछ काम ऐसे रहे हैं, जहां महिलाआें के प्रवेश का प्रतिशत शून्य रहा है। जैसे अपराध का क्षेत्र। इक्कीदुक्की महिलाएं ही
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शिवनेत्र के तीन कथन
शिवनेत्र के तीन कथन
‘अपनी दिलरुबा जानेमन प्रेमिका को किसी नितान्त पराए आदमी के साथ फेरे लेते देखने से ज्यादा दुःखद त्रासदायी दृश्य जवानी के लिए दूसरा नहीं होता।’ आप्त वाक्य है यह, जरूर किसी महापुरुष ने कहा होगा। अगर यह शाश्वत उक्ति किसी महापुरुष के नाम दर्ज
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जाने दो साऽऽब !
जाने दो साऽऽब !
‘चौक में आज एक जलसा है
चंद लीडरां वहां पे आयेंगे
झूठे वादों का रंग दिखला कर
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‘जिज्ञासा’ का आधुनिक जीवनशैली एवं बीमारियों पर केंद्रित संग्रहणीय विशेषांक
‘जिज्ञासा’ का आधुनिक जीवनशैली एवं बीमारियों पर केंद्रित संग्रहणीय विशेषांक
कोशिकीय एवं आणविक जीव विज्ञान केंद्र हैदराबाद की प्रतिष्ठित वार्षिक वैज्ञानिक पत्रिका ‘जिज्ञासा’ का ११वां अंक (२००९१०) कुछ विलंब से प्रकाशित हुआ, लेकिन उसका पारंपरिक उच्च स्तर बना हुआ है। संस्थान के पूर्व निदेशक
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हिन्दू विवाह कानून में संशोधन
हिन्दू विवाह कानून में संशोधन
वैदिक रीति से संपन्न हुए विवाह को हिन्दू विवाह कहा जाता है। अन्य संप्रदायों के स्वीच कानूनों में विवाहों के नियमों को कानूनी मान्यता देते हुए इधर हिन्दू विवाह कानून भी बनाया गया। १९५५ में बने इस कानून में
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उस्मान अली खान का परिवार (१)
उस्मान अली खान का परिवार (१)
बादशाहों, राजाआे, नवाबों तथा जागीरदारों में अन्तःपुर या जनानखाने में अनेक रानियां या बेगम तथा रखैल भी रहा करती थी। परिवार के पहले पांच निजाम के अंतःपुर पर किसी लेखक, इतिहासकार अथवा शोधकर्ता ने कोई प्रकाश नहीं
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तेलुगु संस्कृति का दर्पण बनती कहानियां
तेलुगु संस्कृति का दर्पण बनती कहानियां
हिंदी की भांति तेलुगु में भी आधुनिक काल का उदय नवजागरण के उन्मेष के साथ ही हुआ। राष्ट्रीय चेतना, मुद्रण कला का विकास, विविध समाज सुधार आंदोलन के कारण तेलुगु साहित्य की दशा एवं स्वरूप में तेजी से बदलाव आया।
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जाने दो साऽऽब !
जाने दो साऽऽब !
हमारे जमाल साब रह रह के नव्वे बातां सुनाते !
‘जिंदगी सुख्खे नाले के जैसा नै रहनारे ! हौले पोट्टोंऽऽ! कुछ तो भी नव्वा करके बताव् ! ‘मिन्नीस वर्ल्ड रिकार्ड’ में नामां चमकानां ! नै तो कव्वे, कुत्ते, मक़ोडे के जैसेच जीते ! मरते !
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