‘कार्तिक कॉलिंग कार्तिक’
फिल्म ‘रॉक ऑन’ और ‘लक बाय चॉंस’ के बाद फरहान को एक अभिनेता के तौर पर गंभीरता से लिया जा रहा हैं। उनका नाम यदि किसी फिल्म से ज़ुडा हैं, तो दर्शकों की फिल्म से उम्मीदें ब़ढ जाती हैं। उन्होंने बतौर निर्देशक और अब अभिनेता के तई एक अलग पहचान बना ली हैं। इस फिल्म में वे बतौर निर्माता और अभिनेता नजर आ रहे हैं। उनके साथ दीपिका पादुकोण भी हैं। दीपिका और फरहान की ज़ोडी को लेकर कुछ लोग सवाल कर रहे हैं। लेकिन दीपिका का कहना हैं कि उनकी ज़ोडी ही फिल्म का सबसे प्लस पाईन्ट हैं। फरहान जिस फिल्म में अभिनय करते हैं तो कहा यही जाने लगता हैं कि वे घोस्ट डायरेक्टर हैं। निर्देशक के काम में दखल देना उनकी आदत हैं, लेकिन निर्देशक विजय लालवानी इससे साफ इंकार करते हैं।
इस फिल्म में दीपिका पादुकोण को सुन्दर दिखाने के लिए विशेष प्रयास किये गये हैं। उनके पहनावे व चालढाल के साथ ही उनके बालों के साथ भी कई प्रयोग किये गये हैं। जिसके कारण दीपिका छोटे बालों में दिखेंगी। इसके अलावा इस फिल्म को एक सायको थ्रिलर फिल्म भी इसके निर्देशक द्वारा बताया जा रहा हैं। जिसका आधार प्रेम हैं। दूसरे अथा] में वे इसे प्रेम कथा कह रहे हैं जिसमें थ्रिल के साथ कॉमेडी भी हैं। यानी इस तरह इस फिल्म में हर तरह के मसालों की गुंजाईश निकाल ली गई हैं।
इस फिल्म की कहानी के अनुसार कार्तिक नारायण (फरहान अख्तर) बेहद शर्मिला और कम बोलने वाला इंसान हैं। साथ ही उसमें कान्फीडेंस की भी कमी हैं। वह एक छोटी कंपनी ंमें नौकरी करता हैं और किसी काम में भी वह परफेक्ट नहीं हैं। इसलिए आए दिन अपने बॉस की झ़िडकियां सुनता रहता हैं। उसी के साथ में सोनाली मुखर्जी (दीपिका पादुकोण) उसी ऑफिस में काम करती हैं। खूबसूरत सोनाली को भला कौन नहीं चाहेगा। कार्तिक भी इस पर मर मिटता हैं, लेकिन मन ही मन में। सोनाली इस बात से बेखबर हैं। यहां तक कि उसे तो यह भी नहीं पता कि कार्तिक नाम का कोई ल़डका भी उसके साथ काम करता है।
अचानक एक रात फोन की घंटी बजती हैं। कार्तिक उस इंसान से बात करता हैं जिसके बारे में उसने कभी सोचा भी नहीं था। फोन करने वाला यह दावा करता हैं कि वह कार्तिक हैं। वह फोन पर यह भी कहता हैं कि वह कार्तिक की जिंदगी बदलने के लिए आया हैं। कार्तिक उसकी बात मान लेता हैं। इसके बाद कार्तिक और सोनाली की जिंदगी में ऐसा बदलाव आता है, जिसकी उन्होंनेे कभी कल्पना भी नहीं की थी। क्या यह बदलाव उसकी जिंदगी में बदलाव लाता हैं? सोनाली कितनी प्रभावित होती हैं?
इस फिल्म के बारे में फरहान अख्तर बताते हैं‘यह एक रोमांचक फिल्म हैं। एक फोन की वजह से कई रहस्य उजागर होते हैं। मुझमें आत्मविश्वास की इतनी कमी हैं कि मैं फिल्म में दीपिका के सामने यह स्वीकार ही नहीं कर पाता कि मैं उससे प्यार करता हूं। इसी कमी के चलते मैं अकेलापन महसूस करता हूं और रहस्यमय बन जाता हूं। इसके बाद मेरी जिंदगी में अचानक बदलाव आता हैं।’ वहीं दीपिका पादुकोण का कहना हैंमैं इसमें एक मॉडर्न ल़डकी का रोल कर रही हूं, जो सिगरेट पीने की आदी हैं। साथ ही कामकाजी भी हैं। उसकी यह लत कार्तिक छ़ुडवाता हैं। मैं उसकी कदमकदम पर मदद करती हूं। इस फिल्म के अन्य कलाकारों में शैफाली शाह, राम कपूर, विपिन शर्मा, विवान भटेना और यतिन कार्येकर प्रमुख हैं। कथा, पटकथा व संवाद भी विजय लालवानी ने ही लिखे हैं। रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की इस फिल्म के गीत लिखे हैं उनके पिता जावेद अख्तर ने और संगीत शंकर एहसान लॉय ने दिया हैं।
