3 इडियटस
सार के दशक में उपयासों पर िफल्म बनाने का सलिसला बहत बडे पमाने पर प्रारभ हआ। दो हजार आतेआते यह फिर उफान पर आ गया, लेकिन अब फिमों को पूरी तरह से उपयास पर आधारित ना करके उसके कुछ भाग का ही उपयोग किया जाने लगा ह। एक बार फिर उपयासकार चेतन भगत के उपयास ‘फाइव पाइटस सम वन’ पर आधारित ‘थी इडियटस’ का निमाण िकया गया है ।
आिमर खान जसे परफेशनिट जो कि कम ही िफल्मकरते हआर िफर यिद आमिर ने यह िफल्म साइन की ह, तो इसमें कुछ ना कुछ खास ही होना चािहए,ऐसा उनके शसकों को लगता ह। िवधु िवनोद चोपडा ने कभी सोचा भी नहीं होगा आिमर खान उनकी फिम में काम करेंगे। आमिर खान के साथ इस फिम में पहली बार करीना कपूर को तुत किया जा रहा ह। याद रहें आमिर करिमा कपूर के साथ भी फिमें कर चुके ह। ऐसे में इस फिम के ति उसाह बढना वाभाविक ह। बतार एडिटर फिमों में वेश करने वाले राजकुमार हीरानी ने अब तक दो िफल्म का निर्देशन किया ।
साथ ही दोनों फिमों का बास आफिस पर जबदत िहट होना यह दशाता िक उनमें दशकों की नज पहचानने का गुर ह। पिछले दिनों इसका एक रेन डास करीना आर आमिर पर फिमाने के अलावा उहोंने कालेज कपस में ही बिना कोरियोगाफर के एक गीत शूट किया। जिसकी चचा हर तरफ ह। साथ ही युवा दशकों का टेट िकस तरह बदल रहा ह वे यह बखूबी जानते ।
इस फिम की कहानी दो दोतों राजू रतोगी (शरमन जोशी) आर फरहान कुरषी (आर माधवन) की दोती से ारभ होती ह। ये दोनों दोत अपने एक खोये हए दोत को खोजने की याा पर निकलते ह। इस याा में उहें लबे समय से बिसरी हइ बातें याद आने लगती ह। इस याा के बीच में उहें हर हाल में एक शादी को रोकना ह आर शामिल होना पडता ह एक अतिम सकार में। जसेजसे वे आगे बढते जाते ह, उहें याद आती ह अपने सबसे यारे दोत रचो (आमिर खान) की। उजावान रचो एक विचारक ह, जो अपने अतीिय तरीकों से हर एक के मन को छू लेता ह आर किस तरह अपने दोतों का जीवन बदलता ह। उहें याद आते ह अपने हाटल के दिन। जहा वे जबदत मती किया करते थे। रचो आर पिया (करीना कपूर) का यार आर तकरार। कालेज के एक दमनकारी सरक्षक ाेफेसर वी सहबुे (बोमन इरानी) के साथ सघष करना। एक दिन रचों बिना किसी को कुछ बताए एकाएक गायब हो जाता ह। आखिर कहा गया रचो। वह कहा से आया था। यों वह बिना बताये चला गया।
जब सारी दुनिया उहें इडियट कहकर बुलाती थी, एक दोत ने उहें एक अलग ही तरह से सोचना सिखाया था, जीना सिखाया था। पर आखिर वह असली इडियट ह कहा? उस इडियट की खोज में एक आर याा ारभ होती ह। अपने भीतर की याा जो ले जाती ह खूबसूरत पहाडों की ओर जहा उहें मिलती ह उनके दोत की कहानी आर सवालों के जवाब। यह फिम इहीं विचारों पर आधारित ह, जो कहीं उाेजक ह, तो कही बेहिसाब मनोरजन ह। कभी यह यावहारिक ह तो कभी हसी का खजाना ह। इस हकीफुकी फिम में जिदगी के सबसे महवपूण भाग ‘खुद को खोजने’ की कोशिश करते ह। आमिर खान अपनी इस फिम के शीषक के बारे में बताते ह‘इडियट का मतलब वह नहीं ह, जो हर कोइ सोचता ह। जनरली सभी जो सोचते ह उसके लिए टूपिड शद ह। इडियट वह ह, जो ऐसा कुछ अनोखा करना चाहता ह जिसे दुनिया याद रखें आर उसका नाम हो जाए। जसे आइटीन जसे साइटिट हो गए। वे किसी एक चीज से भावित होकर उसके ऊपर ही काम करने लगे थे, वे कुछ कर दिखाना चाहते थे। ऐसा काम करने वालों को ही इडियट कहा जाता ह। हम तीनों इसी तरह के इडियट ह, जो कुछ कर दिखाना चाहते ।’
शरमन जोशी इसका नाम थी इडियटस रखे जाने के बारे में कहते ह‘दरअसल यह तीन दोतों की मजेदार हरकतों को दिखाने वाली फिम ह जिसमें एक अलग वचारिक तर पर बहस, भी की गयी ह, लेकिन लोगों को वह विचार मूखा] वाला लगता ह, पर कायदे से यह खुद को खुद में ही खोजने की कहानी ह। इसलिए इसका नाम ‘थी इडियटस’ रखा गया ह।
इस िफल्म के अय कलाकारों में मोना सिंह, अखिल मिश्रा, राजीव रवीनाथन, पितोबाश पािठी, राहल कुमार, आकाश दाभाडे, परीक्षित साहनी आर जावेद जाफरी की मुय भूमिकाए ह। राजकुमार हिरानी ारा निर्देषित इस फिम के गीत वानद किरकिरे व सगीत शातनु मोइा का ह। कथापटकथा राजकुमार हीरानी आर विधु विनोद चोपडा ने लिखी ह।
सजय एम तराणेकर
