दूहा मिल गया
सुमिता सेन का करियर गाफ दूसरी हीरोइनों के मुकाबले अब तक वो मुकाम नहीं पा सका है जिसकी वह आज भी हकदार ह। ऐसा माना जा रहा कि इस फिम की निमाता वय सुमिता सेन ही है। उहोंने अपने करियर गाफ को नइ गति देने के लिए ही इस फिम को बनाया ह, परतु खुले तार पर वह सामने नहीं आइ ।
ऐसा ही कुछ सालों पहले अजय देवगन भी कर चुके है। तब अजय का भी करियर ठीकठाक चल रहा था। ‘यार तो होना ही था’ एक हिट फिम थी, लेकिन इडटी के लोग जानते ह कि इसके निमाता वय अजय ही थे। ऐसा ही कुछ इस बार सुष ने किया है।
हसी मजाक के इस दार में एक आर फिम हाय से भरपूर मनोरजन के लिए आ रहीहै। यह ह तो ेम कथा, लेकिन इसे हकेफुके अदाज में तुत किया गया ह। इस कामिकल लव टोरी का बडा भाग अफीका के निदाद व टाबेगो में शूट किया गया ह याद रहें कि इस फिम को पूरा करने के लिए शाहख खान ने अपने कधे की चोट की भी परवाह नहीं की थी। इसमें पहले शाहख का रोल सीमित था। लेकिन उसे बढाया गया ह। इस कारण फिम में उन पर एक कवाली भी शूट की गइ ह। यानी वे अब पेशल गेट अपियरेंस हो गए है।
इस फिम की कहानी चार अलगअलग सोच रखने वाले इसानों के रितों पर आधारित ह, जो अपने तरीके से जिंदगी जीना चाहते थे। तेज धनराज यानी दोंसाइ (फरदीन खान) एक मिलनसार युवा ह, जो बहुत धनवान ह। उसे २५००० करोड पए मिले ह। वह जवान ह आर अब उसकी समझ में यह नहीं आ रहा ह कि वह यह पसे कसे खच करे? तेज धनराज अयाश व लापरवाह ह आपसी रितों को वह अहमियत नहीं देता। उसकी सोच ह कि शादी आर लबे समय तक रितेदारी निभाना दो अलगअलग चीजें ह। वहीं साधारण पजाबी लडकी समरीत (इषिता शमा) का मानना ह कि रितों को दिल में बसाकर ही जीवन जिया जा सकता ह। इसी तरह के उेय को लेकर वह अमतसर से अपने जीवनसाथी की तलाश में निदाद जाती है। जहा पर वह समारा बनकर रहती ह। दूसरी तरफ तेज धनराज के साथ शिमर (सुमिता सेन) की कहानी आगे बढती ह। शिमर, दुनिया की चकाचाध से भावित ह। उसके लिए यार आर रितों की कोइ खास अहमितयत नहीं ह। उसकी जिंदगी मे कुछ महवपूण ह, तो वह ह ससेस यानी सफलता। इधर शिमर के कारण ही पवन राज गाधी (शाहख खान) आज करोडपति ह जिसे यार से पीआरजी कहकर लोग बुलाते ह, उनके लिए पसे का इतना अधिक महव नहीं ह। वह वसे ही बहत पसे वाला ह। वह अपने बक बलेंस को यार के आगे कुछ नहीं मानता। वह जीतना चाहता ह, तो किसी का दिल ना कि पसा। इसलिए शादी करके घर बसाने की उसे जदीहै।
अब इन चारों की जिंदगी में बदलाव आएगा या नहीं। रितों के ति उनके में या बदलाव आता ह। या, एकदूसरे को पाने के लिए ये अपने आपको बदलने आर सीखने का यास करेंगे या नहीं। इस यार को वे या नया नाम दे पायेंगे। या, इस ेम कहानी के ारा दोंसाइ, समरीत, पी आरजी। आर शिमर कुछ नया बुन पायेंगे। वे या पाना चाहते ह। या दूहा मिल गया। इसमें सगीत, भावनाआ आर ना सीखी हइ बातों को सीखने के लिए यार आर रितों की गहराइ के अतۧद को वतमान समय की दुनिया को दिखाया गया ह। एक सुखद मानी अनुभव, यह एकदूसरे की वचनबता ह कि वे हर चेहरे पर मुकान देखें।
इस फिम के अय कलाकारों में मोहित छेडा, जानी लीवर, सुचा पिइ, बीना काक, परीक्षित साहनी, तारा शमा, विवेक वासवानी आर शाहख खान ने इसमें एक पेशल रोल निभाया ह। इनसाइट ाेडशन आर मारफिन मीडिया वेंचर के बनर तले बनी इस फिम के निमाता विवेक वासवानी ह। इसके गीत पटकथा, सवाद व निर्देशन मुदसर अजीज ने किया ह। कथा मुदसर अजीज आर विवेक वासवानी ने लिखी ह। सगीत ललित पडित ने दिया ।
