लापतागंज में साइकिल प्रतियोगिता
सुरीली उर्फ प्रीति अमीन लापतागंज में अंतरमहाविद्यालयीय साइकिल प्रतियोगिता की शूटिंग के दौरान अपने बचपन की यादों में खो गयी। इस शो में सुरीली ने अंतरमहाविद्यालयीय साइकिलिंग स्पर्द्धा में भाग लेने का फैसला किया है, किन्तु वह साइकिल चलाना नहीं जानती है।
वास्तविक जीवन में प्रीति जब ६ वर्ष की थी, तब उसने अपने भाई से निवेदन किया था कि वह उसे साइकिल चलाना सिखा दे। उसके भाई ने सहायता करने से इंकार कर दिया। काफी मिन्नतों के बाद वह साइकिल सिखाने के लिए तैयार हो गया। एक दिन जब वह धीरेधीरे साइकिल को चलाने लगी तो उसने अपने भाई को खुशी से चिल्लाते हुए सुना किप्रीति तुम्हें साइकिल चलानी आ गयीवह सुन कर जिस क्षण ही बेचारी प्रीति पीछे म़ुडी, तो उसने देखा कि उसका भाई उसकी साइकिल को पक़ड कर सहारा दे रहा है और उसने अचानक साइकिल को छ़ोड दिया, जिसकी वजह से वह अपना नियंत्रण खो बैठी और नीचे गिर गयी।
सुरीली उर्फ प्रीति ने कहा कि, ‘‘मेरा भाई द़ौडता हुआ आया और मेरे नजदीक आते ही बजाय मेरी चोट का हाल पूछने के, मुझसे साइकिल का हाल पूछने लगा।’’
उसने आगे बताया कि, ‘‘इस शो में भी ठीक इसी तरह का एक दृश्य है, जिसमें गुड्डु हमें साइकिल चलाना सिखाता है और मैं पोल से जाकर टकरा जाती हूं। जब मुझे इस सीक्वेंस के विषय में पता चला, तब मैंने अश्विनी को इस दृश्य में शामिल कर लिया।’’ जब गुड्डु सुरीली भाभी को साइकिल चलाना सिखाते हुए मेरे साथ द़ौड रहा था और जिस क्षण मैंने अपना नियंत्रण बनाना शुरू किया, उसने अपना सपोर्ट छ़ोड दिया और जब उसने कहा कि, ‘‘वाह भाभी सीख गयीं’’ मैंने पलट कर उसकी तरफ देखा, जिसके कारण मैं अपना नियंत्रण खो बैठी और साइकिल से गिर प़डी।
इस शूटिंग के दाैैरान जब मैं साइकिल से गिर प़डी तब एक अच्छी घटना घटित हुई, बिजी, मौसी, गुड्डु समेत पूरा गैंग द़ौड कर मेरे पास आया और वे सभी लोग यह जानने के लिये उत्सुक थे कि मैं ठीक हूं अथवा नहीं और कोई भी साइकिल की सेहत को लेकर चिंतित नहीं था। सुरीली उर्फ प्रीति अमीन का कहना है कि यह एक ऐसी सुमधुर याद है जिसे मैं सदैव ही संजोकर रखूंगी।
