ईंधन के दाम ब़ढाने को लेकर रविवार को वित्तमंत्री से मिलेंगे देव़डा
नई दिल्ली। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में ब़ढोतरी को लेकर केंद्र में खींचतान जारी है। प्रमुख सहयोगी दलों के विरोध के बीच पेट्रोलियम मंत्री मुरली देव़डा इस बारे में रविवार को वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से मिलेंगे। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कीमतें ब़ढाने के प्रस्ताव को आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पेश नहीं किया।
सरकार पेट्रोल की कीमतों को नियंत्रण मुक्त करने के साथसाथ डीजल, रसोई गैस तथा केरोसिन के दाम ब़ढाना चाहती है, लेकिन संप्रग में सहयोगी दल द्रमुक और तृणमूल कांग्रेस के विरोध के चलते इस प्रस्ताव को आज पेश नहीं किया गया।
गृहमंत्री पीचिदंबरम ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि नहीं, इस पर आज विचार नहीं किया गया। सूत्रों ने कहा कि मुखर्जी व देव़डा पेट्रोल व डीजल के दाम दो से तीन रुपये प्रति लीटर, रसोई गैस सिलेंडर के दाम २५ रुपये प्रति सिलेंडर ब़ढाने के पक्ष में हैं, लेकिन सहयोगी दल डीजल,रसोई गैस तथा केरोसिन के दामों से छ़ेडखानी के पक्ष में नहीं हैं। पेट्रोलियम उत्पादों के दाम नहीं ब़ढाए जाने के कारण सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को इस वित्तवर्ष में ४६,३०० कऱोड रुपये का घाटा होने का अनुमान है।
इस नुकसान में से २०,००० कऱोड रुपये तो सब्सिडी मदद के रूप में मिल जाएंगे, लेकिन बाकी राशि सरकारी तेल कंपनियों के निवल मूल्य को डिगाने के लिए पर्याप्त है। सूत्रों ने कहा कि कोई समाधान ढ़ूंढने के लिए देव़डा १४ फरवरी को मुखर्जी से मिलेंगे। बैठक में कंपनियों को सब्सिडी ब़ढाने पर भी विचार हो सकता है, ताकि कीमतों में वृद्धि को न्यूनतम रखा जा सके। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद देव़डा ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। इसमें ईंधन बिक्री से हो रहे नुकसान की भरपाई की मांग सरकार से की गई है।
