वार्ता के दौरान हम कोई भी मुद्दा उठाने के लिए स्वतंत्र : पाक
इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने कहा है कि २५ फरवरी को नई दिल्ली में विदेश सचिव स्तर की वार्ता के दौरान पाकिस्तान कोई भी मुद्दा उठाने के लिए स्वतंत्र है, जिसमें कश्मीर, नदियों के पानी की भागीदारी और बलूचिस्तान में भारत का कथित हस्तक्षेप भी शामिल है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने पीटीवी से कहा कि भारत ने वार्ता बहाल करने के लिए पहले से कोई शर्त नहीं लगाई है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कोई भी मुद्दा उठाने के लिए स्वतंत्र है, जिसमें कश्मीर, नदियों के पानी की भागीदारी पर उठे मतभेद और बलूचिस्तान और अफगानिस्तान में भारत का कथित हस्तक्षेप भी शामिल है। कश्मीर समस्या पर बासित ने दावा किया कि इस मुद्दे के न सुलझ पाने का एकमात्र कारण भारत की लापरवाही है। बासित ने दावा किया कि भारत ने इसे सुलझाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया और अगर दोनों देशों के बीच समग्र वार्ता जारी रहती, तो यह अब तक सुलझ गया होता। दोनों देशों के बीच मुंबई हमलों के बाद से समग्र वार्ता लंबित है। उन्होंने कहा कि कश्मीर के निवासियों को ‘आत्मनिर्णय का अधिकार’ दिया जाना चाहिए, ताकि वे शांतिपूर्ण और समृद्ध जीवन जी सकें।
बासित ने कहा कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान में भारत की गतिविधियों पर भी गंभीर चिंता है। उन्होंने कहा कि ख़बरों में बताया गया है कि भारत ने काबुल नदी पर बांध बनाने में एक अरब का निवेश किया है, जो जाहिर तौर पर सिंधु नदी में पानी न पहुंचने देने के लिए है। बासित ने कहा कि इस्लामाबाद यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है कि नई दिल्ली के साथ समग्र वार्ता सदा एकसी रहेगी, क्योंकि वार्ता का तारतम्य बिग़डना केवल दोनों देशों की विरोधी ताकतों के लिए लाभप्रद होगा। बासित ने कहा कि भारत के साथ लंबे समय की और सार्थक समग्र शांति वार्ता समय की जरूरत है, क्योंकि यह दक्षिण एशिया में गरीबी, अशिक्षा और बेरोजगारी को दूर करने का एकमात्र रास्ता
