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कांग्रेस ही दिखा सकती है बिहार को नई राह : गिरीश संघी

Swatantra Vaartha  Thu, 18 Feb 2010, IST

कांग्रेस ही दिखा सकती है बिहार को नई राह : गिरीश संघी

पटना। कांग्रेस सांसद एवं बिहार में पार्टी के संगठन चुनाव प्रभारी डॉ गिरीश कुमार संघी ने आज लोगों को बिहार में राजनीतिक परिवर्तन की जरूरत समझायी और कहा कि कांग्रेस ही प्रदेश को ‘नई राह’ दिखा सकती है। उनके अनुसार लालू प्रसादराब़डी देवी तथा नीतीशमोदी की मौजूदा सरकार आजमायी जा चुकी है, खारिज हो चुकी है। उनका दावा रहा कि बिहार में अगली सरकार कांग्रेस की होगी।

डॉ संघी यहां कांग्रेस सदस्यता अभियान एवं मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। पूर्व राज्यसभा सदस्य सुनील शास्त्री के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में दूसरी पार्टियों के दर्जनों नेताकार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हुए।

डॉ संघी ने लोगों को बताया कि क्यों बिहार में राजनीतिक परिवर्तन की दरकार है, कैसे इसके बिना राज्य की तरक्की संभव नहीं है और क्यों अवाम की बेहतर जीवनदशा के लिए कांग्रेसी सरकार बनना जरूरी है? उन्होंने इस क्रम में कांग्रेस शासित राज्यों का हवाला दिया और इससे बिहार की तुलना कर उसकी दुर्दशा के कारणों को स्पष्ट किया।

उनका कहना था कि ‘ऐसे आयोजनों (कांग्रेस से ज़ुडना) से मेरा उद्देश्य सफल होता दिख रहा है। मुझे पूरा भरोसा है कि जिन उद्देश्यों से कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने मुझे बिहार भेजा है, वह पूरा होकर रहेगा।’ दरअसल, वे बिहार में कांग्रेस की अगली सरकार बनाने की बात कह रहे थे।

डॉ संघी ने कहा, ‘मुझे बिहार से ब़डा लगाव है। मैं यहां के प्रत्येक व्यक्ति की तरक्की चाहता हूं। चाहता हूं कि यह प्रदेश अपनी गौरवशाली गरिमा को दोबारा हासिल करे। लेकिन यह सिर्फ मेरे, कुछ और लोगों या फिर सिर्फ कांग्रेस पार्टी के चाहने से नहीं होगा। इसमें आम जनता की भागीदारी होनी चाहिए। उसे भी अपनी बेहतरी के बारे में सोचना होगा।’ उन्होंने कई मर्तबा इस बात पर जोर दिया कि बिहार में राजनीतिक परिवर्तन समय की मांग है। इसके बगैर कुछ भी संभव नहीं है। चूंकि यहां के लोगों ने सबको आजमा कर देख लिया है, लिहाजा अब इकलौती आस के रूप में कांग्रेस ही बची है।

डॉ संघी ने इस बात की गांरटी ली कि कांग्रेस की सरकार बनते ही लगभग सब कुछ ठीकठाक हो जायेगा। चूंकि यही एक पार्टी है, जो आमजनों से सरोकार रखती है। सामाजिक सद्‌भाव से लेकर विकास तक की बात सोचती है। उन्होंने इस बात पर सबका हाथ उठवाकर सहमति ली कि अगली सरकार कांग्रेस की बनानी है। विद्यापति भवन के हॉल में बैठे सभी लोगों ने हाथ उठा दिये। तालियों की ग़डग़डाहट। ‘गिरीश संघी जिंदाबाद’ के नारे गूंजने लगे।

उन्होंने बिहार की नीतीशमोदी सरकार पर जबरदस्त प्रहार किया। बोले‘यह सरकार केंद्र प्रायोजित योजनाआें को सही तरीके से लागू नहीं कर रही है। रुपये की कोई कमी नहीं है। अव्वल तो उनका सदुपयोग नहीं हो रहा है। फिर रुपये खर्च भी नहीं हो पा रहे हैं।’ उन्होंने जब आंक़डों का हवाला दिया, तो लोग हतप्रभ रह गये। डॉसंघी बोलते जा रहे थे, ‘केंद्र की राजग सरकार से बिहार की लालूराब़डी सरकार ने ४५ हजार कऱोड रुपये मांगे थे। मात्र ३५ हजार कऱोड मिले। और बिहार की मौजूदा राजग सरकार ने जब केंद्र की कांग्रेसी नेतृत्व वाली सरकार से ४५ हजार कऱोड मांगे, तो उसे ६० हजार कऱोड रुपये मिले। अगले वर्ष सहायता की यह राशि ७५ कऱोड रुपये हो जानी है। यह केंद्र द्वारा बिहार को मिली सहायता का बाकायदा रिकार्ड है।’

मगर डॉ संघी ने इसी से ज़ुडे कई सवाल भी उठाये, ‘आखिर नीतीशमोदी की सरकार करती क्या है? अपनी विफलता छुपाने के लिए लोगों को बस भरमा रही है? यह कब तक चलेगा? खुद कुछ कर नहीं रही और दोष केंद्र सरकार के मत्थे म़ढ रही है। केंद्रीय योजनाआें के कार्यान्वयन में भारी लूट है। कौन लूट रहा है? किसी से छुपा है? राज्य सरकार उनके खिलाफ क्यों नहीं कुछ करती है? सिर्फ लोगों को बरगलाने से तो काम नहीं चलेगा। यह कैसी राजनीति है?’

डॉ संघी ने ऐसे उदाहरण भी पेश किये कि कैसे बिहार सरकार केंद्र की योजनाआें को अपना बताकर जनता की वाहवाही बटोरने में लगी है? लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि अब ऐसा नहीं होगा। बिहार के कांग्रेसी जाग गये हैं। लोगों को बिहार सरकार की इस चालबाजी से वाकिफ कराने का अभियान शुरू हो चुका है।

उन्होंने ‘बिहार परिवर्तन चेतना यात्रा’ की खासी चर्चा की। कांग्रेसियों से आग्रह किया कि इसे पूरे मनोयोग से सफल बनायें। कहा, ‘यह बिहार में परिवर्तन का वाहक बनेगी।’ उन्होंने रथ यात्रा के उद्देश्य, उसके सभी पक्षों के बारे में सबको बताया। उम्मीद है कि रथ यात्रा अगले महीने के पहले हफ्ते से प्रारंभ हो। सदस्यता अभियान की चर्चा करते हुए उन्होंने साफ किया कि अगर हम इसमें अपनी रणनीति के अनुसार सफल रहे, तो हमें बिहार में सरकार बनाने को कोई रोक नहीं सकता है।

उनके मुताबिक बिहार के हर घर में कांग्रेसी है। हमें उन्हें नये सिरे से जगाने की जरूरत है। हमने जिस दिन यह काम कर लिया, उस दिन बिहार विकास की मुख्यधारा में शामिल हो जायेगा। कांग्रेस शासित दूसरे प्रदेश इसके प्रमाण हैं।

कांग्रेस के बिहार मामलों के प्रभारी जगदीश टाइटलर ने समन्वय व एकजुटता पर जोर दिया। उनके अनुसार नीतीशमोदी की सरकार ल़डख़डा गयी है। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी ब़ढ गयी है। हम सभी मिलकर एक कारगर धक्का दें। सरकार धराशायी हो जायेगी। प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा ने भी कमोवेश इन्ही बातों को दोहराते हुए सबका सहयोग लेने की बात कही।

समारोह को सुनील शास्त्री के अलावा सागर रायका आदि ने भी संबोधित किया। समारोह में मौजूद मुख्य लोगों में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सदानंद सिंह, पूर्व मंत्री अशोक चौधरी आदि शामिल थे।

होटल में भी डॉ संघी से मिलने वालों की भ़ीड रही। कांग्रेस के अलावा दूसरी पार्टियों के भी नेता आये। उन्होंने कांग्रेसियों के साथ जीत की रणनीति तय की, तो दूसरों से ‘फीडबैक’ लेते रहे। इससे पहले पटना हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया गया। जगदीश टाइटलर और सागर रायका से मंत्रणा के बाद वे दिल्ली रवाना हो गये।

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