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बिहार के उत्पाद मंत्री जमशेद अशरफ बर्खास्त

Swatantra Vaartha  Fri, 19 Feb 2010, IST

बिहार के उत्पाद मंत्री जमशेद अशरफ बर्खास्त

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज उत्पाद मंत्री जमशेद अशरफ को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया। आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि मुख्यमंत्री ने अशरफ को मंत्रिमंडल से हटाने के लिए राज्यपाल देवानंद कुंवर से सिफारिश की है।

अशरफ पर पद का दुरुपयोग और गोपनीयता भंग करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने इसी वर्ष १४ जनवरी को गंगा की लहरों पर हुई मंत्रिमंडल की बैठक में पिछले चार वषा] से हो रहे शराब घोटाले के संबंध नौ पन्नों का पत्र मुख्यमंत्री को दिया था और मामले की जांच निगरानी विभाग से कराने की मांग की थी।

यह पत्र मीडिया तक पहुंच गया और अशरफ की विदाई का कारण बना। मुख्यमंत्री ने इसके बाद अशरफ को पत्र लिखकर कहा कि उनका आचरण पद की मर्यादा के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने पत्र में कहा था कि उनका (अशरफ) गोपनीयपत्र मीडिया तक कैसे पहुंचा, यह वही बता सकते हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि गोपनीयपत्र में लगाये गये आरोपों की मुख्य सचिव से बिंदुवार जांच करायी गयी है। जांच प्रतिवेदन से स्पष्ट है कि विभाग में सभी महत्वपूर्ण और नीतिगत निर्णय फाईल में विधिवत अशरफ का अनुमोदन लेकर ही लिया गया है। कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद भी मंत्री द्वारा सहमति नहीं देने के कारण विभाग उन निर्णयों को कार्यान्वित नहीं कर सका है।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि होलोग्राम युक्त सील बंद बोतलों में शराब बिक्री के प्रस्ताव पर अनुमोदन उनके स्तर से दिया गया था, बावजूद इसके इस प्रस्ताव को श्री अशरफ ने मंत्रिपरिषद के समक्ष रखने की अनुमति नहीं दी।

उन्होंने पत्र में कहा है कि नई उत्पाद नीति के कारण राजस्व में लगातार वृद्धि हुई है। उत्पाद राजस्व २००५०६ में जहां ३२० कऱोड था, वह ब़ढकर २००८०९ में ७५० कऱोड हो गया है।

इस बीच, अशरफ ने अपनी बर्खास्तगी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार अफसरशाही के आगे झुक गयी है। उन्होंने ५०० कऱोड रुपये के शराब घोटाले की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि इस घोटाले में उत्पाद विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लिप्त हैं तथा मुख्यमंत्री उनके सामने विवश है।

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