उविवि में सुरक्षाकर्मी मुद्दे पर आंध्र सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश सरकार ने उच्च न्यायालय के उस निर्देश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें तेलंगाना राज्य आंदोलन के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरे उस्मानिया विश्वविद्यालय परिसर से अर्धसैनिक बलों को हटाने को कहा गया है।
उच्चतम न्यायालय इस मामले में कल सुनवाई करेगा। इसके साथ ही न्यायालय ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है कि परिसर में अर्धसैनिक बलों को ठहरने की अनुमति किसने दी। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति केजीबालाकृष्णन, न्यायमूर्ति एसएचकपाडिया और न्यायमूर्ति आफताब आलम की पीठ ने कहा, ‘हमारी चिंता विश्वविद्यालय परिसर में टेंट और बैरिकेड लगाने को लेकर है।
यह अच्छा संकेत नहीं है।’ इसके पहले राज्य सरकार ने अपनी याचिका में जल्दी सुनवाई तथा आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया। राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने पृथक तेलंगाना राज्य मुद्दे को लेकर जारी आंदोलन के मद्देनजर उच्च न्यायालय के १६ फरवरी के आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया। रोहतगी ने दलील दी कि परिसर में पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान दिसंबर से ही हैं, लेकिन आंदोलन के कारण रोजाना एक दो घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि परिसर में अर्धसैनिक बलों के जवानों का टिके रहना आवश्यक है क्योंकि राज्य सरकार कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए बल की जरूरतों को पूरा नहीं कर सकती। अपनी दलीलों में उन्होंने परिसर में अर्धसैनिक बलों के जवानों की उपस्थिति को उचित ठहराया।
