ADVERTISEMENT

आपका वोट

क्या राहुल गांधी भ्रष्टाचार खत्म करेंगे?

  • सही
  • गलत
  • पता नहीं
और भी

फोटो दीर्घा

Share

झारखंड में माओवादियों ने बीडीओ को रिहा किया

Swatantra Vaartha  Sat, 20 Feb 2010, IST

झारखंड में माओवादियों ने बीडीओ को रिहा किया

रांची। नक्सलियों की मांग के समक्ष झुकते हुए झारखंड सरकार ने जेल में बंद कुछ लोगों को रिहा करने पर सहमति जता दी, जिसके बाद माओवादियों ने दालभूमग़ढ के बीडीओ प्रशांत कुमार लायेक को आज रिहा कर दिया। बीडीओ की मुक्ति के लिए नक्सलियों की रिहाई के इस कदम पर राज्य में सत्ताऱूढ गठबंधन में शामिल भाजपा ने नाराजगी जताई। माओवादियों ने बीडीओ का एक सप्ताह पहले पूर्वी सिंहभूम जिले से अपहरण कर लिया था।

शिबू सोरेन सरकार ने जेल में बंद कुछ लोगों की रिहाई के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी, जिसके बाद बीडीओ की मुक्ति की घोषणा की गई। नक्सलियों ने दालभूमग़ढ में एक जेल से कुछ महिलाआें समेत १४ ‘निर्दोष’ लोगों की रिहाई की मांग की थी।

गृह सचिव जेबी ट्‌यूबिड ने पत्रकारों को बताया ‘बीडीओ को शाम छह बजकर ३५ मिनट पर रिहा कर दिया गया। अब वह प्रशासन के पास है।’ दो दिन पूर्व प्रदेश के मुख्यमंत्री शिबू सोरेन ने कहा था कि भाकपामाओवादी की कुछ लोगों की रिहाई की मुख्य मांग को पूरा किए जाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। माओवादियों ने कथित तौर पर दालभूमग़ढकी जेल में बंद अपने लोगों की रिहाई की मांग की थी।

पूर्वी सिंघभूम के पुलिस अधीक्षक ने ३७ वर्षीय लायक को घाटशिला सबडिविजन के हरियान गांव में एक स्कूल के निकट देखा। लायेक का शनिवार को चार सशस्त्र माओवादियों ने अपहरण कर लिया था। इसके पहले झारखंड एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज ऐसोसिएशन (जासा) की पूर्वी सिंहभूम इकाई ने लायेक की रिहाई तक सामूहिक अवकाश लेने का फैसला किया था। जासा की पूर्वी सिंहभूम इकाई के अध्यक्ष सीताराम बारी ने कहा था कि लायेक को अगर रिहा नहीं किया गया, तो संगठन जल्दी ही शांति रैली निकालेगा।

लायेक की रिहाई की घोषणा जेल में बंद १४ लोगों में से दो की जमानत याचिका घाटशिला की एक अदालत में दायर किए जाने के कुछ ही घंटों के अंदर इस घटनाक्रम पर भाजपा ने नाराजगी जताई और कहा कि उसने अपना विरोध दर्ज कराया है।

नई दिल्ली में भाजपा के प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा, ‘अपहृत बीडीओ के साथ बंदियों की अदलाबदली करने का झारखंड सरकार का फैसला एक विकृति है, जिसे दुरूस्त करने की जरूरत है।’ भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘इस विषय पर हमारा रुख बहुत द़ृढ है और हम नक्सली धमकियों के सामने घुटने नहीं टेक सकते।’

उधर, प्रशासन ने इस मुद्दे को ज्यादा अहमियत नहीं देने की कोशिश की। पुलिस महानिरीक्षक वी डी देखमुख ने इंकार किया कि राज्य सरकार दबाव के सामने झुकी है। उन्होंने कहा, ‘हमने सिर्फ उन मामलों की समीक्षा की है, जहां आरोप ठोस नहीं हैं।’ पति की रिहाई की खबर से लायेक की पत्नी जूली लायक का चेहरा खिल गया। उसने कहा, ‘मैं अपनी बेटी के लिए बहुत खुश हूं, क्योंकि मेरे पति कई दिन बाद घर आ रहे हैं।’ जूली ने कहा, ‘मैंने नक्सलियों से बात की थी और उन्होंने मेरी बात सुनी थी। उन्होंने उन्हें बिना कोई नुकसान पहुंचाए छ़ोड दिया।’

उल्लेखनीय है कि जूली ने धमकी दी थी अगर उनके पति को कोई नुकसान पहुंचा, तो वह मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निवास के समक्ष अपनी बेटी के साथ आत्मदाह कर लेंगी। दालभूमग़ढ के बीडीओ की पत्नी ने लायेक की रिहाई सुनिश्चित कराने के लिए सरकार को धन्यवाद दिया। इस बीच, सोरेन के प्रेस सलाहकार शफीक अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री दालभूमग़ढ के बीडीओ की रिहाई के मुद्दे पर आज रात कोई बयान नहीं देंगे।

आपकी राय