वसुंधरा ने नेता प्रतिपक्ष पद से त्यागपत्र दिया
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष की नेता वसुंधरा राजे द्वारा आज अपने पद से दिये गये त्यागपत्र को विधानसभा सचिवालय ने इस बारे में पार्टी की आधिकारिक सूचना की मांग के साथ लौटा दिया। विधानसभा के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार नेता प्रतिपक्ष के पद से त्यागपत्र देने की कोई बात नहीं है। इस बारे में प्रमुख प्रतिपक्ष भारतीय जनता पार्टी अथवा विधायक दल की ओर से आधिकारिक सूचना आनी चाहिए।
विधानसभा की परंपरा के अनुसार पार्टी अथवा विधायक दल की ओर से नेता के बारे में सूचना दी जाती है। इससे पूर्व, आज सुबह श्रीमती वसुंधरा राजे ने भाजपा विधायकों की बैठक को संबोधित किया और प्रतिपक्ष के नेता पद से त्यागपत्र देने की घोषणा की। बाद में वह अपने कुछ समर्थक विधायकों के साथ विधानसभा अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह शोखावत के चैम्बर में गयी और उन्हें नेता प्रतिपक्ष के पद से अपना त्यागपत्र सौंपा।
पार्टी सूत्रों के अनुसार वसुंधरा राजे द्वारा प्रतिपक्ष के नेता पद से त्यागपत्र दिये जाने की सूचना पर बैठक में उपस्थित वरिष्ठ विधायक देवीसिंह भाटी और रोहताश कुमार नाराज हुए तथा बैठक से उठकर चले गये। उनके साथ कोई अन्य विधायक नहीं गया। विधायक दल की बैठक में वसुंधरा राजे ने अपने संक्षिप्त संबोधन में सभी के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि हम सभी अटूट माला के मोती हैं और उस पार्टी के कार्यकर्ता हैं, जिनकी रगरग में अनुशासन है, जिनके लिए पद नहीं संगठन सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि जो भी नेता प्रतिपक्ष चुना जायेगा, वह योग्य व अनुभवी होगा, जिसके मार्गदर्शन में हम सब विधायक जनता की आवाज बनकर सच्चे और काबिल प्रतिपक्ष की भूमिका निभायेंगे।
