दंगा मामले में राज ठाकरे का आत्मसमर्पण, जमानत मिली
जलगांव (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने वर्ष २००८ के एक दंगा मामले में आज यहां की एक स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) चोपरा क्षेत्र ने राज ठाकरे को सात हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी। वह अपने वकील सयाजी नांगरे के साथ थे।
मनसे प्रमुख को उनकी पार्टी द्वारा उत्तर भारतीयों के खिलाफ छ़ेडी गई हिंसक मुहिम के मामले में २१ अक्टूबर, २००८ को रत्नागिरी में गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद मुंबई और राज्य के कई हिस्सों में दंगा भ़डक गया। राज ठाकरे और उनके समर्थकों के खिलाफ बहुत से मामले दर्ज किए गये थे। चोपरा अदालत में चल रहे मामले में राज ठाकरे पर धारा१४३, १०९, ३३८ और ४२७ के तहत आरोप दर्ज हैं। राज ठाकरे को इन सभी मामलों में जमानत मिल गई।
