संसद में आज पेश होगी आर्थिक समीक्षा
नई दिल्ली। आम बजट से एक दिन पहले कल वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी २००९१० की आर्थिक समीक्षा संसद में पेश करेंगे, जिसमें अर्थव्यवस्था की भविष्य की तस्वीर बताने के साथसाथ इस साल अर्थव्यवस्था पर प्रोत्साहन पैकेज के असर के बारे में भी बताया जायेगा। आर्थिक समीक्षा के साथ ही मुखर्जी १३वें वित्त आयोग की रिपोर्ट भी संसद के पटल पर रखेंगे, जिसमें अगले वित्त वर्ष से पांच साल तक केन्द्र और राज्यों के बीच करों एवं संसाधनों के बंटवारे की नई व्यवस्था होगी। आर्थिक समीक्षा में अगले वित्त वर्ष में आर्थिक हालात का खाका खींचने के साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान के बारे में बताया जायेगा।
इस साल आर्थिक वृद्धि ७५ प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है, जो कि केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के ७२ प्रतिशत के अनुमान से मामूली ज्यादा है।
इससे पहले, जुलाई में पेश आर्थिक समीक्षा में चालू वित्त वर्ष के दौरान आर्थिक वृद्धि अधिकतम ७७५ प्रतिशत तक रहने का अनुमान व्यक्त किया गया था। मुखर्जी ने दिसंबर में मध्यवर्षीय समीक्षा पेश करते समय भी इसका उल्लेख किया था। १३वें वित्त आयोग की रिपोर्ट आयोग के अध्यक्ष विजय केलकर ने ३० दिसंबर को राष्ट्रपति प्रतिभा पटिल को सौंप दी थी। इस पर केन्द्रीय मतंत्रिमंडल ने भी बाद में विचारविमर्श किया। अब इसे संसद में पेश किया जायेगा। रिपोर्ट में केन्द्र और राज्यों के बीच संसाधनों के बंटवारे के बारे में नई व्यवस्था का सुझाव दिया जाता है।
