जेपीसी करे महंगाई ‘घोटाले’ की जांच
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार की आर्थिक विकास की कहानी की हवा निकालते हुए विपक्षी दलों के साथ ही सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे दलों ने सरकार पर महंगाई पर काबू पाने में विफल रहने का आरोप लगाया और साथ ही आवश्यक उपभोक्ता वस्तुआें गेहूं, चावल, चीनी और दालों में हुए घोटालों की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित किए जाने की मांग की।
महंगाई के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में केन्द्र सरकार को घेरते हुए विपक्षी राजग तथा वामदलों ने आरोप लगाया कि संप्रग सरकार महंगाई पर लगाम लगाने के बजाय आरोपप्रत्यारोप के खेल में उलझी है। विपक्ष के महंगाई के मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा कराने की मांग पर अ़डे रहने के कारण पिछले दो दिन से लोकसभा और राज्यसभा में कोई कामकाज नहीं हो सका था और लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्तावों के नोटिसों को खाजिर करते हुए इस विषय पर नियम १९३ के तहत चर्चा कराने की व्यवस्था दी थी, जिसे काफी नानुकर के बाद विपक्ष ने स्वीकार कर लिया था।
विपक्षी और बाहर से समर्थन दे रहे दलों ने केन्द्र को महंगाई के मुद्दे पर ऐसे दिन फटकार लगायी, जब केन्द्र सरकार ने बजट से पूर्व आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश कर देश की अर्थव्यवस्था की एक सुनहरी तस्वीर पेश करने का प्रयास किया।
