देश के हर नागरिक पर ८५०० रुपये का विदेशी कर्ज
नई दिल्ली। एक अरब से अधिक आबादी और ३७ प्रतिशत गरीबी के बीच भारत के हर नागरिक पर करीब ८५०० रुपये का विदेशी कर्ज है, यानी अगर कोई बच्चा जन्म लेता है, तो वह भी करीब इतने ही आर्थिक बोझ से दबा होगा।
वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी द्वारा आज लोकसभा में पेश आर्थिक समीक्षा में कहा गया, भारत का विदेशी ऋण मार्च २००९ के अंत में २२४५९ अरब अमेरिकी डालर था, जो मार्च २००८ के २२४४१ अरब डालर के स्तर से कहीं अधिक है।
