खदान धंसने से १२ मजदूर जिंदा दफन
चीमकुर्ति (प्रकाशम)। प्रकाशम जिले के चीमकुर्ती में कल रात एक खदान में हुई दुर्घटना में १२ मजदूर जिंदा दफन हो गये, जिनमें से दो लोगों के शव निकाले जा चुके हैं तथा अभी भी १० लोगों के शव मलबे में दबे हुए हैं। खदान प्रबंधन के अनुसार मृतकों की पहचान कर ली गयी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एक हजार टन वजन वाले ग्रेनाइट के पत्थर के साथ करीब ८ हजार टन क्वारी पत्थरोंं के नीचे मजदूरों के शव दबे हुए हैं और उन्हें ढ़ूंढने व निकालने के लिए तेजी से काम करने के बाद भी इसमें दो से तीन दिन लग सकते हैं। मृतकों में अधिकांश अन्य क्षेत्रों से आकर यहां काम कर रहे मजदूर ही हैं। घटना की सूचना मिलने पर राज्य के भूगर्भ एवं खदान मंत्री बालीनेनी श्रीनिवासुुलु रेड्डी ने घटनास्थल का जायजा लिया दुर्घटना के कारणों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
बाद में मंत्री ने खदान विभाग के प्रबंध निदेशक वी राजगोपाल रेड्डी, जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक, विधायक बूचेपल्ली शिवप्रसाद रेड्डी, विजय कुमार व कुछ अन्य अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस दौरान मंत्री ने इंडोनिशिया स्थित हंस मिनरल्स एंड एक्सपोर्ट प्रबंधन से फोन पर बातचीत की। मंत्री ने इस हादसे में मरने वालों को प्रबंधन की ओर से पांचपाच लाख रुपये तथा माइन्स एसोसिएशन की ओर से एकएक लाख रुपये मुआवजा देने के अलावा सरकार की ओर से इंदिरम्मा मकान आवंटित करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त खदान कंपनी प्रबंधन ने घायलों को ५०५० हजार रुपये देने के लिए सहमति
