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तेलगाना मुदे पर सर्वमानय हल खोजे केदं लगडपाटी

swatantvartha  Wed, 23 Dec 2009, IST

तेलगाना मुदे पर सर्वमानय हल खोजे कें लगडपाटी

हैदराबाद, २२ दिसबर (वत वाता)। विजयवाडा के सासद लगडपाटी राजगोपाल ने कहा कि उहें पथक तेलगाना मुे पर कें से सववीकाय घोषणा किये जाने की उमीद है। उहोंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हआ, तो वह एकीकत आध देश के समथन में विशाखपणम में फिर से आमरण अनशन शु करेंगे। लगडपाटी ने आज सावजनिक प से अपना अनशन तोडने के तुरत बाद निस के निकट ेस लब में सवाददाता समेलन आयोजित कर गत रविवार से अब तक घटी घटनाऔं का यारा िदया।

लगडपाटी ने कहा कि देखा जाये, तो उनका अनशन १९ दिसबर की रात उसी समय टूट गया था, जब उहें जबरन तरल पदाथ पिलाया गया था।उहोंने कहा कि तरल पदाथ आर टोटल पेरेंटल यूटीशन के साथ अनशन करने का कोइ मतलब नहीं है। गारतलब ह कि लगडपाटी १४ दिसबर से आमरण अनशन कर रहे थे, लेकिन बिगडते वाय के कारण अदालत ने डाटरों को पुलिस की उपथिति में उहें जबरदती तरल पदाथ पिलाने का आदेश दिया था। इसके बाद उहें १९ दिसबर को जबरन तरल पदाथ पिलाया गया था। शनिवार को जबरन अनशन खम कराने के बाद रविवार की रात पुलिस की आखों में धूल झोंक कर वह अपताल से फरार हो गये थे। १५ घटे तक शासन की नींद हराम करने के बाद वह सोमवार दोपहर नाटकीय ढग से नगर के निस अपताल में कट हए थे।

िवजयवाडा से कागेस सासद ने आज कहा कि यदि देश का विभाजन हआ, तो वह राजनीति से सयास ले लेंगे। गारतलब ह कि उहोंने सयु गतिशील गठबधन (सग) सरकार की तेलगाना को अलग राय बनाने की किया शु करने की घोषणा के विरोध में सदन से इतीफा दे दिया ह। उहोंने सवाददाताआें को बताया कि कें को सभी क्षेाें के लोगों की भावनाआें को यान में रखकर ही कोइ निणय लेना चाहिए। उहोंने उमीद जताइ कि कें देश के २३ जिलों की एकीकत आध की इछा को यान में रखते हए इस सबध में बयान जारी करेगा। उहोंने कहा, ‘हमें विवास ह कि कागेस आलाकमान आर कें सरकार लगभग तीन हजार वष पुराने इतिहास को सजोये रखने वाली इस तेलुगु जमीन के टुकडे नहीं होने देेगी। अधिकाश लोग देश को विभाजित करने के पक्ष में नहीं ह आर इसके विरोध में दशन कर रहे ह। अब यह सरकार आर राजनीतिक दलों की जिमेदारी ह कि वे बहसयकों की भावनाऔ का समान करते हए इस सबध में कोइ निणय लें।’

लगडपाटी ने कहा कि एकीकत आध देश को लेकर शु हआ जनादोलन सिफ शुआत ह। उहोंने बताया कि गत १० दिसबर से शु हआ यह आदोलन अब जाति, धम, क्षे व राजनीतिक पाटियों से ऊपर उठकर रायभर के , कमचारियों, महिलाआें व पुषों के दिलों में जगह बना चुका ह। उहोंने कहा कि पो श्रीरामुलु, एनटीआर, वाइएसआर जसी महान हतियों की कुबानी के कारण मिले आध देश को विभाजित होने से बचाने के लिए , सासदों तथा विधायकों को पदलोलुपता याग कर इस आदोलन का नेतव करना चाहिए। विजयवाडा के सासद ने कहा कि देश के टुकडे होने पर नि:शुक आरोयश्री, पेशन, मुत बिजली, दो पये किलो चावल, छावा, मेडिकल, इजीनियरिग जसी उ शिक्षा के लिए फीस माफी, गरीबों के लिए मकान आदि विकास व कयाण कायकम क जायेंगे। कें में सासदों की सया घटने से हम कमजोर पड जायेंगे। उहोंने कहा कि तेलुगु ती का वाहरण रोक कर उनका मानसमान बनाये रखना हर तेलुगु भाषी का दायिव ।

उहोंने कहा कि पथक तेलगाना का समथन करने वाले जा रायम पार्टी (पीआरपी) अयक्ष चिरजीवी आर तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) की सोच में बदलाव आ गया ह। उहोंने उमीद जतायी कि इस तरह सभी पाटियों का ख बदल जायेगा। लगडपाटी ने कहा कि जद ही टीआरएस मुख केचशेखर राव भी अपनी सोच बदलने को बाय हो जायेंगे। राव को भी तेलुगु भाषी बताते हए उहोंने तटीय आध व रायलसीमा के नेताऔ व लोगों से उनके ति अपशदों का योग न करने की अपील की।

विजयवाडा के अपताल से ‘फरार’ होने की खबर को बेतुका बताते हए लगडपाटी ने कहा कि वह न तो यायिक हिरासत में थे आर न ही पुलिस हिरासत में। ऐसे में उनपर फरार होने का आरोप लगाने का कोइ मतलब नहीं ह। लगडपाटी ने खुद को भारत का एक नागरिक बताते हए कहा कि उहोंने न किसी की हया की ह आर न ही वे आतकवादी ह। लगडपाटी ने अपने खिलाफ कोइ मामला दज नहीं होने का दावा करते हए कहा कि हदराबाद जाने के लिए उहें किसी की अनुमति की जरत नहीं ह, योंकि हदराबाद अफगानितान या पाकितान में नहीं है। उहोंने न किया कि ऐसे में मेरी गतिविधियों पर तिबध लगाने की जरत या ह? उहोंने कहा कि जब एक सासद होने के बावजूद उहें हदराबाद आने का हक नहीं ह, तो आम आदमी की या थिति ह, यही जानने के लिए वह छिपकर हदराबाद पहचे थे। लगडपाटी ने आरोप लगाया कि जब मुझे हदराबाद में कदम नहीं रखने की धमकी दी गयी थी, तो किसी ने उसके खिलाफ आवाज नहीं उठायी। उहोंने बताया कि उहें हदराबाद आने से कोइ रोक नहीं सकता, यह साबित करने के लिए ही वे अपताल से गायब होकर यहा आये। उहोंने कहा कि उनके फरार होने के नाम पर पुलिस अधिकारियों को निलबित करना जायज नहीं ह। उहोंने कहा कि अगर यही बात ह, तो १५ घटे तक मुझे ढूढने में विफल रहे पूरे शासन को निलबित कर देना चाहिए।

सासद ने बताया कि विधायकों से बातचीत करने के लिए जब वह हदराबाद के एलबीटेडियम पहचे, तो उहें जबरन गिरतार कर विजयवाडा भेज दिया गया था। जब उहोंने वहा अनशन शु किया, तो उनके समथन में विभि क्षेरो व पार्टीजन आ गये, जिनके सहयोग से जनादोलन की शुआत हइ। लगडपाटी ने कहा कि तटीय आध में १७ जनतिनिधि आमरण अनशन आर कमिक भूख हडताल पर ह। उहोंने कहा कि अनशन समात होने के बावजूद जनादोलन जारी रहेगा। इस आदोलन के समथन में १३ जिलों के गाम वाड सदय से लेकर विधायकों तक ने अपने इतीफे साप दिये ह। लगडपाटी ने साफ किया कि वह मात के डर से निस में भर्ती नहीं हए, बकि यह साबित करने के लिए यहा आये कि उहें कहीं भी जाने का हक ह। उहोंने बताया कि खुद एनआरआइ अपताल के अधीक्षक ने कहा था कि वहा डाटरों व बेहतर सुविधाए उपलध नहीं ह। उहोंने कहा कि वह अपने वाय पर एनआरआइ व निस के डाटरों की तयार की गयी रिपोट मीडिया को सोप रहे ह। उहोंने चशेखर राव से भी अपने वाय की रिपोट सावजनिक करने की माग की।

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