महंगाई मुद्दे की भेंट च़ढा संसद का प्रश्नकाल
नई दिल्ली। होली के मौके पर चार दिन के अवकाश के बाद आज संसद की बैठक में एकजुट विपक्ष, वाम और संप्रग को बाहर से समर्थन दे रहे रहे सपा, बसपा, राजद ने महंगाई तथा पेट्रोल एवं डीजल के ब़ढे दामों पर सरकार को घेरते हुए दोनों सदनों में प्रश्नकाल नहीं चलने दिया तथा हंगामे के कारण लोकसभा को जहां दो बार, वहीं राज्यसभा को तीन बार स्थगित करना प़डा।
हालांकि बाद में दोनों सदनों में सामान्य ढंग से कामकाज शुरू हो गया।
दोनों ही सदनों में आज सुबह लगभग एक जैसा नजारा देखने को मिला। समूचा विपक्ष, वामदल तथा सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे सपा, बसपा और राजद सदस्य अपनेअपने स्थानों पर ख़डे होकर महंगाई पर लगाम लगाए जाने की मांग करने लगे। इसी हंगामे के कारण दोनों सदनों में प्रश्नकाल नहीं चल सका और बैठक कुछ ही मिनट बाद दोपहर बारह बजे तक स्थगित कर दी गयी।
लोकसभा में दोपहर १२ बजे सदन की बैठक फिर शुरू होते ही समूचा विपक्ष, वाममोर्चा एवं सपा, बसपा और राजद आदि के सदस्य आसन के समक्ष आकर महंगाई के खिलाफ नारे लगाने लगे। उपाध्यक्ष करिया मुंडा ने हंगामे के बीच ही आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और सदस्यों से शांत रहने की अपील की, लेकिन अपील का असर न होते देख उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी। राज्यसभा में एक बार के स्थगन के बाद दोपहर बारह बजे जब बैठक शुरू हुई, तो विपक्ष, वाम, सपा, बसपा, राजद और अन्नाद्रमुक के सदस्यों ने पेट्रोलियम पदाथा] की मूल्य वृद्धि को वापस लेने एवं इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से सदन में आकर बयान देने की मांग शुरू कर दी। उपसभापति केरहमान खान ने शोरगुल के बीच ही आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए।
हंगामे के बीच उपसभापति ने विपक्ष के नेता अरुण जेटली, माकपा नेता सीताराम येचुरी, एवं वृंदा करात भाजपा नेता एमवेंकैया नायुडू, कम्युनिस्ट नेता डीराजा, बसपा के ब्रजेश और अन्नाद्रमुक के वी मैत्रोयन को अपनी बात रखने का मौका दिया। इन सभी नेताआें ने पेट्रोलियम पदाथा] की कीमतों में की गई वृद्धि की वापसी की मांग की और प्रधानमंत्री द्वारा सदन के बाहर मूल्यवृद्धि को वापस लेने से इंकार किये जाने पर क़डी आपत्ति जतायी। विपक्षी नेताआें की मांग थी कि प्रधानमंत्री सदन में आकर स्पष्टीकरण दें।
उपसभापति केरहमान खान ने विपक्षी सदस्यों की मांग को खारिज करते हुए कहा कि वह सरकार को जवाब देने के लिए निर्देश नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि सदस्यों को २५ फरवरी को आवश्यक वस्तुआें की कीमतों पर हुई चर्चा पर कृषि मंत्री का जवाब सुनना चाहिए।
उपसभापति की इस अपील का विपक्षी सदस्यों पर कोई असर नहीं हुआ और वे नारे लगाते रहे। सदन में हंगामा थमता न देख उपसभापति ने करीब सवा बारह बजे सदन की बैठक दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
दोपहर दो बजे राज्यसभा की बैठक जब फिर शुरू हुई, तो कृषि मंत्री पवार ने अपना जवाब पूरा किया। उनके जवाब के दौरान महंगाई के मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों ने कई बार टोकाटोकी की।
पवार का जवाब खत्म होने के फौरन बाद भाजपा सदस्य आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने लगे। सदन में हंगामा थमते न देख पीठासीन अध्यक्ष पीजे कुरियन ने अपराह्न करीब सवा तीन बजे बैठक को चार बजे तक स्थगित कर दिया।
बहरहाल, लोकसभा में दो बार और राज्यसभा में तीन बार के स्थगन के बाद दोनों सदनों में राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो गयी और कामकाज सामान्य ढंग से बहाल हो गया।
