सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने प्रधान न्यायाधीश कार्यालय के सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के दायरे में आने संबंधी दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ आज खुद अपने समक्ष अपील दायर की। उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने के लिए उच्चतम न्यायालय को दो महीने का समय मिला था, जो १२ मार्च को समाप्त हो रहा है। इससे ऐन पहले सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने अपील दायर कर उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी है।
एक माह पहले तैयार की गई यह अपील रजिस्ट्री ने अधिवक्ता देवदत्त कामत के जरिये दायर की है। इस अपील के जरिये रजिस्ट्री ने उच्च न्यायालय के फैसले पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि प्रधान न्यायाधीश केजीबालाकृष्णन ने इस मुद्दे पर अपने कुछ सहयोगी न्यायाधीशों से विचारविमर्श भी किया था। अपील में कहा गया है कि प्रधान न्यायाधीश के पास उपलब्ध जानकारियां संवेदनशील होती हैं और इसके खुलासे से न्यायपालिका की आजादी प्रभावित होगी। अपील में यह भी कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय के समक्ष एक अन्य मामला भी लंबित है कि क्या न्यायाधीशों की नियुक्तियों से संबंधित जानकारियां आरटीआई कानून के तहत किसी को उपलब्ध कराई जा सकती हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय के गत वर्ष दो सितंबर के फैसले को उच्चतम न्यायालय ने वृहत्तर पीठ में चुनौती दी थी, लेकिन १२ जनवरी को तीन
