सिमित ने ताज व ओबेराय को सुरक्षा सलाह की अनदेखी करने का दोषी ठहराया
नागपुर। मुबइ पर २६/११ हमले की जाच कर रही उतरीय समिति ने ताज आर ओबेराय होटलों के बधन को इस बात के लिये दोषी ठहराया है िक उहोंने आतकी हमलों से काफी पहले दी गयी सुरक्षा सलाह की अनदेखी की। राम धान सिमित की रिपोट में कहा गया है िक दोनों होटलों के अिधकािरयों ने ‘होटल उाेग के प में अपनी खुद की नीति’ के कारण पिुलस उपायु जकारा दी गयी कुछ महवपूण सलाहों को लागू नहीं किया।
िरपोट कल महारा विधान सभा में रखी गयी। खिुफया यूरो ने २४ सितबर २००८ को अलट िकया था िक ‘लकरएतयबा’ ताज सहित चुनिंदा ठिकानों में ‘दिलचपी दिखा रहा ह।’ इसके बाद २९ सितबर को होटल के सुरक्षा अिधकािरयों ने एक बठक की जिसकी अयक्षता पुलिस उपायु (जोनएक, कम बीर काग, ने की। उसमें होटल के महाबधक भी माजूद थे। सुरक्षा कमियों को सलाह देने पुलिस अधिकारी दोबारा ३० िसतबर को होटल गये।
सिमति ने पाया कि अलट के मेनजर सुरक्षा बढाने के लिये ताज अथवा किसी अय होटल ने विशेष अनुरोध नहीं किया। पुलिस उपायु (डीसीपी) को हाइ कोट, पुलिस महानिदेशक के कायालय, परमाणु ऊजा विभाग तथा नासनिक तािनों के अलावा लियोपोड कफे पर सभावित हमले के बारे में उसी साल २६ जून को अलट किया गया था। डीसीपी सबधित थानों में गये आर वरि पुलिस निरीक्षक को तुरत लियोपोड कफे के सामने से रेहडी वालों को हटाने का निर्देश दिया।
पुिलस ने उहें हटा दिया। आयोग के सामने पेश वरि पुलिस निरीक्षक ने कहा िक २४ अगत से २५ नवबर के बीच अवध रेहडी वालों के खिलाफ ९२ मामले दज किये गये। िलयोपोड कफे पर हमले के दारान गोलीबारी में तीन रेहडी वाले मारे गये।
