हंगामे के कारण लोस में फिर नहीं हुआ कामकाज
नई दिल्ली। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर हंगामे के कारण लोकसभा में आज लगातार तीसरे दिन भी कोई कामकाज नहीं हो सका और सदन की कार्यवाही तीन व्यवधानों के बाद गुरुवार के लिए स्थगित कर दी गई। विधेयक के मौजूदा स्वरूप का विरोध करने वाले सदस्यों के शोरशराबे और नारेबाजी की वजह से सदन की कार्यवाही पहले १२ और फिर दो बजे के लिए स्थगित की गई।
तीसरी बार बैठक शुरू होने पर भी इन सदस्यों की नाराजगी बरकरार रही और पीठासीन अधिकारी फ्रांसिस्को सरदिन्हा ने कार्यवाही को गुरुवार के कराना चाहेगी। भाजपा और वामपंथी दलों की ओर से भले ही इस विधेयक को जल्द से जल्द इसे लोकसभा में पेश करने की मांग की जा रही हो, लेकिन सरकार किसी तरह की ह़डब़डी में नहीं है। विधेयक को लेकर राज्यसभा में हुए अभूतपूर्व हंगामे तथा समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल तथा सरकार में शामिल तृणमूल कांग्रेस की नाराजगी को देखते हुये इस दिशा में कोई कदम बढाने से पहले माहौल को ठंडा होने का इंतजार करना चाहती है। बंसल ने राज्यसभा में सात सदस्यों को मार्शलों द्वारा बाहर निकाले जाने को मजबूरी में उठाया गया कदम बताते हुये कहा कि सरकार चाहती है कि हर विधेयक संसद में पूरी चर्चा और बहस के बाद पारित हो। हम महिला आरक्षण विधेयक पर सभी को साथ लाने का प्रयास करेंगे। हमारी इच्छा है कि लोकसभा में इसे पारित करते समय वह सब न हो, जो राज्यसभा में हुआ।
