अदालतों में लंबित मामले निपटने में लग जाएंगे ३२० साल !
नई दिल्ली। अदालतों में ब़डी संख्या में लंबित मामलों पर लोकसभा में चिंता जताते हुए आज कहा गया कि इन्हें निपटाने में ३२० साल लग जायेंगे, इसलिए इसका समाधान ढ़ूंढने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए। शून्यकाल के दौरान कांग्रेस के मनीष तिवारी ने कहा, ‘अख़बारों में एक न्यायाधीश के माध्यम से ऐसी ख़बरें आई हैं कि न्यायालय में जितने मामले लंबित हैं, उन्हें निपटाने में ३२० वर्ष लग जायेंगे।
यह एक गंभीर विषय है।’ उन्होंने कहा, ‘न्याय प्रणाली को ठीक करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए और इस विषय पर बहस हो तथा इसे दुरुस्त करने के लिए व्यवस्था बनायी जाए।’ उल्लेखनीय है कि आंध्र प्रदेश के न्यायमूर्ति वीवीराव के हवाले से अख़बारों में छपा है कि न्यायालय में लंबित मामलों की संख्या और उनके निपटारे की रफ्तार यही रही, तो इन्हें निपटाने में ३२० वर्ष लग जाएंगे। बीजद के भृतुहरि महताब ने माओवादी हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा, ‘गृह सचिव के हवाले से ऐसी ख़बरें आई हैं कि माओवादी शासन पर नियंत्रण करना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने वर्ष २०५० का लक्ष्य निर्धारित किया है।’
उन्होंने कहा कि माओवादियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इसका कोई नजीता नहीं निकल रहा है। महताब ने कहा, ‘सरकार इस विषय पर देश को आश्वस्त करे।’ कांग्रेस के चौधरी लाल सिंह ने जम्मूकश्मीर के लिए प्रदेश में डीआरएम कार्यालय स्थापित करने की मांग की, जिससे प्रदेश के लोगों को सहूलियत हो।
