गुजरात में पैर पसारने की कोशिश में नक्सली
अहमदाबाद। गुजरात पुलिस ने कहा है कि माओवादी धीरेधीरे राज्य में अपने पैर जमा रहे हैं, जहां आदिवासियों की काफी जनसंख्या होने के बावजूद अभी तक ‘लाल आतंक’ का साया नहीं प़डा था।
उन्होंने कहा कि सूरत में माओवादी नेता की गिरफ्तारी, नक्सलियों की बैठकों में आई तेजी और राज्य में विद्रोहियों की खुफिया गतिविधियों से साफ है कि प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) गुजरात में अपना नेटवर्क फैलाने का प्रयास कर रहा है। पुलिस ने कहा कि वे अपने संभावित कार्यकर्ताआें के रूप में अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों से यहां आये लोगों को निशाना बनाते हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) सुधीर सिन्हा ने संवाददाताआें को बताया, ‘माओवादी बिहार, झारखंड और उ़डीसा जैसे नक्सल प्रभावित राज्यों से यहां आये प्रवासी लोगों में से अपने संभावित कार्यकर्ताआें को चुनने के लिए यहां का (गुजरात का) इस्तेमाल कर रहे हैं, खासकर दक्षिण गुजरात के सूरत शहर में। वे अपने आंदोलन के लिए धन भी जुटा रहे हैं।’ सिन्हा ने कहा, ‘माओवादी इन प्रवासियों को समझाबुझकर अपने पक्ष में करने के बाद उन्हें दोबारा उनके गृह राज्यों में भेज रहे हैं।’
