राठोर को कोइ राहत नहीं
नइ िदली, ३० दिसबर (भाषा)। हिरयाणा के पूव डीजीपी एस पी एस राठार ने अपने खिलाफ नये सिरे से दज ाथमिकियों के बाद गिरतारी के डर से एक स अदालत में अगिम जमानत की गुहार लगायी थी, लेकिन कोइ राहत नहीं मिल सकी। उधर, कें ने राठार पर आमहया के लिए उकसाने का मामला दज करने के विकपों पर विचार िकया।
हरियाणा पुलिस ने एक आइजीपी के नेतव में सात सदयीय विशेष जाच दल (एसआइटी) का गठन किया ह। दल चिका गिरहाेा के पिता आर भाइ ारा राठार आर अय के खिलाफ कथित तार पर पोटमाटम रिपोट से छेडछाड आर आमहया के लिए उकसाने के मामले में दज शिकायतों के आधार पर दज दो मामलों को देखेगा।
गहमी पी चिदबरम ने आज नयी दिली में चिका के परिवार आर उनके वकील से बातचीत की, जिसमें १९ वष पुराने इस मामले को फिर से खोलने आर आमहया के लिए उकसाने का मामला दज करने की सभावना पर विचार किया गया।उधर, कानून मालय इस बाबत विचार कर रहा ह कि राठार के लिए कडी सजा की माग के लिहाज से राटीय महिला आयोग से कहा जाए कि उतम यायालय के हतक्षेप की गुहार लगायी जाए।
चिका का परिवार पचकुला में राठार के खिलाफ एक आर ाथमिकी दज करा सकता । इससे पहले दो ाथमिकिया कल दज करायी जा चुकी ह, जिसके बाद राठार पर लगाम कसती नजर आ रही ह आर इसके बाद आज उनके चेहरे का रग उस दिन से अलग था, जब छह महीने की कद की सजा सुनायी गयी थी।
राठार ने आज मीडिया के सामने भी अपनी हताशा निकाली आर कहा, ‘यायिक मामलों में सवधानिक शति के प में जब आप मुझे सतुट कर दें, उस दिन म आपसे (मीडिया) बातचीत कगा।’ जिला आर स यायाधीश एसपीसिंह के समक्ष राठार की वकील पनी आभा ने कहा कि चिका के परिवार ारा मनगढत, तोडमरोडकर आर जबरन तय पेश किये जा रहे ।
अदालत से अपने आवास पर लाटने के बाद मीडिया से बातचीत में ६७ वर्षीय राठाड ने कहा, हम केवल अदालत से बात करेंगे। राठार के घर के आसपास आज मीडिया का अछा खासा जमावडा था। उनके सेटर छह थित आवास के बाहर मीडियाकर्मी आर खासतार पर अपनी ओबी वनों के साथ समाचार चनलों के तिनिधि जमा थे।
यायाधीश ने अगिम जमानत याचिका पर एक जनवरी को जवाब देने के लिए राय को भी नोटिस जारी किया। आभा ने ४० पनों के आवेदन में आरोप लगाया कि उनके पति आर कुछ नहीं, बकि मीडिया के टायल का सामना कर रहे ह। यायाधीश ने पहले कायवाही थगित कर दी आर कहा कि उहें योरा देखना होगा आर इसके बाद राय को नोटिस जारी किया।
हालाकि अदालत ने राठार की याचिका पर उहें कोइ अतरिम राहत दान नहीं की। यायाधीश ने राठार को निर्देश दिया कि एक जनवरी को सभी दतावेज पेश किये जाए, ताकि इस मुे पर फसला हो सके।
