राठोर की जमानत याचिका खारिज
पचकूला। चिका छेडडाड मामले में दज दो नयी प्राथमिकी के सिलसिले में अगिम जमानत याचिकाए आज खारिज हो जाने के बाद हरियाणा के पूव पुलिस महानिदेशक एसपीएस राठोर के गिरतार होने की सभावना बन गयी है । चिका छेडछाड मामले में दो नयी प्राथमिकी दज होने के बाद राठार ने अगिम जमानत याचिका दायर की थी।
नयी प्राथमिकी में राठाड के खिलाफ गभीर आपराधिक आरोप लगाए गए है । अतिरि जिला एव स यायाधीश सजीव जिदल ने अदालत में कहा कि वह दो नए मामलों में राठार आर सहआरोपी एएसआइ सेवा सिंह की अगिम जमानत याचिकाए खारिज कर रहे ह। फसले पर तिकिया य करते हए गिरहा का परिवार के वकील पकज भाराज ने कहा, ‘अगर पुलिस अब भी राठार को गिरतार नहीं करती, तो हम पजाब एव हरियाणा उच यायालय जाएगे।
’ चिका की मि आराधना के पिता आनद काश ने कहा कि यह चिका के लिए जीत ह आर सचाइ सामने आ गयी है । उहोंने उमीद जताइ कि राठार को अब गिरतार कर लिया जाएगा। अदालत ने कल अगिम जमानत याचिकाआ पर अपना आदेश आज तक के लिए सुरक्षित रख लिया था। आदेश का वितत यारा तकाल उपलध नहीं हो सका है । फसला सुनाए जाने के व ६७ वर्षीय राठार आर उनकी पनी एव वकील आभा अदालत में माजूद नहीं थे।
एक स अदालत ने एक जनवरी को राठार के अगिम जमानत आवेदनों की सुनवाइ करते हए सात नवरी तक उसे अतरिम जमानत दी थी। अगिम जमानत याचिकाओं के खारिज हो जाने के बाद अवकाश आइपीएस अधिकारी के गिरतार होने की सभावना बढ गयी ह, योंकि गिरतारी से बचने के लिए उसे अब कोइ अदालती सुरक्षा हासिल नहीं ह।
हरियाणा सरकार पहले ही कें से सिफारिश कर चुकी ह कि राठार तथा अय के खिलाफ नए आरोपों की जाच का जिमा सीबीआइ को साप देना चाहिए। इस बीच, मामले की जाच के लिए हरियाणा सरकार द्द्वरा गठित विशेष जाच दल (एसआइटी) के मुख एस एसकपूर ने सवाददाताआें को बताया कि वे इस माके पर आरोपी को गिरतार कर सीबीआइ जाच के पूव कोइ कारवाइ नहीं करना चाहेंगे। गिरहाका की शिकायतों में आरोप लगाया गया ह कि सेटर ६ पुलिस थाना ने मात के बाद की कायवाही पीजीआइ चडीगढ में कराइ, जो हरियाणा पुलिस के अधिकार क्षे से बाहर ह, योंकि चडीगढ केंशासित देश ह।
उेखनीय ह कि चिका ने २८ दिसबर, १९९३ को जब आमहया की कोशिश की, तो उसे पीजीआइ चडीगढ ले जाया गया था, जहा अगले दिन उसकी मात हो गइ। चिका के पिता सुभाषच गिरहाेका तथा उनके पु आशु ने राठार के खिलाफ दो नयी शिकायतों में हया की कोशिश, अवध हिरासत में रखने तथा पीडित के पोटमोटम की रिपोट में हेरफेर करने का आरोप लगाया ह। आशु ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया ह कि उसे (आशु) ताडित करने के लिए आटो चोरी सहित विभि मामलों में सात ाथमिकिया दज कराइ गइ।
आभा ने २९ दिसबर को दज दो मामलों में यह कहकर जमानत मागी थी कि पाच जनवरी को भादस की धारा ३०६ (आमहया के लिए उकसाने) के तहत दज तीसरी ाथमिकी का निपटारा उचतम यायालय में पहले ही हो चुका ह। वष २००२ में सेवानिवा हए राठार को उभरती टेनिस खिलाडी चिका के साथ छेडछाड के मामले में अदालत ने छह महीने कद की सजा सुनाइ थी। वष १९९० में जिस समय यह घटना हइ, उस समय राठार पुलिस महानिरीक्षक थे।
