महंगाई पर फिर ठप्प हुई संसद
नई दिल्ली। महंगाई के मुद्दे पर मत विभाजन के प्रावधान वाले नियमों के तहत चर्चा कराये जाने को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच बने गतिरोध के कारण संसद के मानसून सत्र के दोनों सदनों की कार्यवाही आज लगातार तीसरे दिन भी नहीं चल सकी।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार द्वारा विपक्ष के कार्य स्थगन प्रस्ताव के नोटिसों को कल नामंजूर कर दिये जाने के बाद विपक्ष ने आज नयी रणनीति के तहत मत विभाजन के प्रावधान वाले अन्य नियम १८४ के तहत चर्चा कराये जाने की मांग की, जिसके लिये सरकार राजी नहीं हुई। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच बने गतिरोध से उत्पन्न हंगामे के कारण दोनों ही सदन एक बार के स्थगन के बाद दोपहर १२ बजे दिनभर के लिये स्थगित कर दिये गये।
उधर, राज्यसभा में विपक्ष मत विभाजन वाले नियम १६८ के तहत महंगाई के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग पर आज भी अ़डा रहा। एक बार के स्थगन के बाद जब उच्च सदन की बैठक दोपहर १२ बजे शुरू हुई, तो हंगामे के कारण उपसभापति के रहमान खान ने कार्यवाही को दिनभर के लिये स्थगित कर दिया। हंगामे के बीच दोनों ही सदनों ने झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाये जाने संबंधी प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी। पिछले तीन दिन से इस गतिरोध और हंगामे के कारण दोनों सदनों में न तो प्रश्नकाल हो सका और न ही कोई विधायी कार्य। इससे पहले, जब आज लोकसभा की बैठक शुरू हुई, तो विपक्ष और सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा और बसपा ने महंगाई के मुद्दे पर नियम १८४ के तहत चर्चा कराये जाने की मांग की। अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि उन्हें इस बारे में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज सहित कई सदस्यों की ओर से नोटिस मिले हैं, लेकिन पहले प्रश्नकाल हो जाने दें।
इस पर सुषमा ने कहा कि आपने विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्ताव पर कल जो व्यवस्था दी, उससे हमें दुख पहुंचा है। हालांकि आपने कहा था कि अगर इस विषय पर किसी अन्य नियम के तहत चर्चा कराने संबंधी नोटिस मिलता है, तो आप उस पर विचार करेंगी। उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर आज हमने नियम १८४ के तहत चर्चा कराने का नोटिस दिया है और इस विषय पर प्रश्नकाल स्थगित कर चर्चा कराने की व्यवस्था दें, ताकि सदन चल जाए। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि अगर वह इसे स्वीकार कर लेती हैं, तो भी यह कार्यमंत्रणा समिति के पास जायेगा, इसलिए अभी प्रश्नकाल चलने दें।
जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि उन्होंने भी नियम १८४ के तहत महंगाई पर चर्चा कराने का नोटिस दिया है और इसके तहत चर्चा कराने की अनुमति दी जाये।
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह ने कहा कि जब सदन के अधिकतर दल इस बारे में एकमत हो चुके हैं, तो इसे स्वीकार कर लेना चाहिए।
संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि सरकार महंगाई पर चर्चा कराना चाहती है और सुदीप बंदोपाध्याय ने नियम १९३ के तहत नोटिस दिया है। आप इसके तहत चर्चा कर सकते हैं, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने नियम १८४ के तहत महंगाई के विषय पर चर्चा कराने की मांग पर शोरशराबा जारी रखा। हंगामा थमता न देख अध्यक्ष मीरा कुमार ने १५ मिनट बाद सदन की कार्यवाही दोपहर १२ बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर १२ बजे सदन के दोबारा बैठने पर हंगामा जारी रहा और शोरशराबे के बीच अध्यक्ष ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाने के बाद बैठक कल तक के लिये स्थगित कर दी।
उधर, राज्यसभा की कार्यवाही भी आज लगातार तीसरे दिन महंगाई के मुद्दे की भेंट च़ढ गई और मतदान के प्रावधान वाले नियम के तहत मूल्यवृद्धि पर चर्चा कराने की मांग पर विपक्ष के हंगामे के कारण एक बार के स्थगन के बाद बैठक दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
एक बार स्थगन के बाद १२ बजे बैठक शुरू होने पर उपसभापति के रहमान खान ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसी बीच, भाजपा सदस्य महंगाई के मुद्द पर नियम १६८ के तहत चर्चा कराने की मांग को लेकर नारे लगाते हुए आसन के समक्ष आ गए।
शोरगुल थमता न देख खान ने बैठक दिनभर के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले प्रात: ११ बजे बैठक शुरू होते ही सदस्यों ने महंगाई पर नियम १६८ के तहत चर्चा कराने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया, जिसकी वजह से प्रश्नकाल नहीं चल पाया।
