शाह ने की सोहराबुद्दीन मामले मे सीबीआई जांच के आदेश पर पुनर्विचार की मांग
नई दिल्ली। सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभ़ेड मामले में गिरफ्तार गुजरात के पूर्व गृहमंत्री अमित शाह ने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश और केंद्र के खिलाफ साजिश रचने के आरोप लगाते हुए कहा है कि सीबीआई जांच के आदेश पर इस आधार पर पुनर्विचार किया जाए कि यह ‘पक्षपातपूर्ण’ था।
मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी सहयोगी शाह ने आरोप लगाया कि १२ जनवरी को मामले में सीबीआई जांच का आदेश देने वाले (सेवानिवृत्त) न्यायमूर्ति तरुण चटर्जी उत्तर प्रदेश में भविष्य निधि घोटाले में द्गविश्वासघातद्ध के लिए जांच एजेंसी के घेरे में थे। शाह ने ८७ पन्नों के अपने आवेदन में आदेश के पुनर्विचार की मांग करते हुए दलील दी है कि पूरी कवायद संवैधानिक तरीके से गठित और लोकतांत्रित तरीके से चुनी गयी गुजरात सरकार पर एक असंवैधानिक निशाना साधने के लिए की गयी राजनीतिक साजिश का नतीजा थी। वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी के दिशानिर्देश में तैयार आवेदन में न्यायमूर्ति आफताब आलम पर भी सवाल उठाते हुए कहा गया है कि उन्होंने पीएफ घोटाले में न्यायमूर्ति चटर्जी का नाम आने और उनकी कथित संलिप्तता पर सीबीआई द्वारा जांच करने की बात पता होते हुए भी मामले में सुनवाई की। आवेदन के मुताबिक, द्ग१२ जनवरी के आदेश पर फिर से पुनर्विचार करने की मांग की जाती है, क्योंकि इस बात की पर्याप्त संभावना है कि फैसला सुनाने वाले सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति चटर्जी का रवैया पक्षपातपूर्ण रहा और इस तरह मामले में सुनवाई के लिए स्वत: ही अयोग्य हो जाते हैं।द्ध आवेदन में न्यायमूर्ति आलम के बारे में कहा गया है कि यदि वह इस तथ्य से वाकिफ थे कि न्यायमूर्ति चटर्जी अयोग्य हैं, तो उन्हें भी खुद मामले से हट जाना चाहिये था।
