टाक्सी परिमट के मामले में चहाण का यू-टन
मुबइ/पटना। महारा में टसी के नये परिमट लेने के िलए मराठी का ज्ञान जरी करने के फसले के बाद आलोचना के घेरे में आये मुयमी अशोक चहाण ने आज तुरत अपना बयान पलटते हए जोर दिया िक लाइसेंस के िलए िहंदी या गुजराती जसी िकसी भी थानीय भाषा में धारावाह होना भी पयात है । िहंदी भाषी रायों के नेताआें ने पूव में चहाण की उनके फसले को ‘असवधानिक कदम’ करार देते हए आलोचना की थी।
हालािक चहाण का अब बयान बदलना शिवसेना आर राज ठाकरे नीत मनसे को रास नहीं आया ह। राज ने कहा ह कि यह सरकार की लाचारी दशाता ह, वहीं शिवसेना ने इसे मराठियों का ‘अपमान’ करार दिया ह। ‘राज ठाकरे शली’ के कदम के तहत महारा की कागेस-राकापा सरकार ने सिफ उहीं लोगों को टसी के नये लाइसेंस देने का कल फसला किया, जो अछी मराठी जानते ह आर राय में कम-से-कम १५ साल से रह रहे ह। चहाण ने सवाददाताआें से कहा, ‘कबिनेट ने १९८० में बने महारा मोटर यान अधिनियम पर गार किया ह। नियम के मुताबिक परमिट पाने के लिए १५ वष से मूल निवासी होना जरी ह।’ चहाण ने कहा, ‘आर दूसरा नियम कहता ह कि एक चालक को टसी बज रखने के लिए थानीय भाषा की जानकारी होनी चाहिये। थानीय भाषा मराठी, हिंदी, गुजराती हो सकती ह। इसमें कोइ भी भाषा हो सकती ह। थानीय भाषा की जानकारी जरी ह।’ चहाण ने कहा कि टसी चालकों को तब परमिट मिल सकता ह, जब वे मराठी आर गुजराती जसी थानीय भाषाए बोलना जानते हों। मनसे मुख राज ठाकरे ने कहा कि चहाण का बयान पलटना सरकार की ‘लाचारी’ दशाता ह।
उहोंने सरकार से कहा, ‘या महारा, उार देश या बिहार के लोगों के लिए एक आश्रमशाला ह।’ फसले को खतरनाक करार देते हए बिहार के मुयमी नीतीश कुमार ने आगाह किया कि यह देश की ‘एकता आर अखडता को तोडने की कोशिश ह।’ राजद मुख लालू यादव ने भी इस सबध में धानमी डा.मनमोहन सिंह से हतक्षेप करने की माग की। राज ठाकरे ने यह भी चेतावनी दी कि अगर सरकार चार हजार नये परमिट मराठियों को देती ह, तो महारा नवनिमाण सेना (मनसे) इन टसियों को सडक पर चलने नहीं देगी।
उधर, पटना में नीतीश कुमार ने कहा कि वह धानमी को प लिखेंगे, योंकि सविधान देश के हर नागरिक को रोजगार की तलाश में देश के किसी भी हिसे में आवाजाही करने या बसने का अधिकार देता ह। उहोंने कहा, ‘इससे पहले, रेलवे तथा अय परीक्षाआें में भाग ले रहे उार भारतीयों को मनसे ने पीटा था। अब कागेस-राकापा सरकार ने यह फसला कर इसे आधिकारिक बना दिया ह कि परमिट सिफ उहीं टसी
