मराठी मानुस के मुद्दे पर शिवसेना व भाजपा में दूरिया बढीं
नइ दीली। मुबइ में रहने वाले उतर भारतीयों के मुद्दे पर हिदुव की राजनीति करने वाले खेमे में आज दरार आर बढ गइ, जब भाजपा ने राीय वयसेवक सघ के सुर में सुर मिलाते हए ‘मुबइ मराठियों की’ के शिवसेना के तक को आज खुलकर खारिज कर दिया। शिवसेना ने भी सघ परिवार आर उसके शीष नेतव पर पलटवार करते हए कहा कि वह उसके मराठी मानुस मुद्दे में किसी तरह की दखलअदाजी से बाज आए।
भाजपा अयक्ष नितिन गडकरी ने महारा में उार भारत के लोगों को सुरक्षा दान करने के सघ मुख मोहन भागवत के आान का आज खुलकर समथन किया, जिससे उनकी पार्टी की राय में सहयोगी दल शिवसेना से दूरिया बढ सकती ह। गडकरी ने कहा कि देश के सभी क्षेाें के भारतीयों को भारत की सीमाआें के भीतर कहीं भी रहने आर कमानेखाने का अधिकार ह। उहोंने कहा कि इसी अधिकार की रक्षा के लिए ही जमूकमीर को विशेष दजा देने वाले अनुछेद३७० का भाजपा विरोध करती ह।
इस विषय पर शिवसेना के भि मत के सदभ में उहोंने कहा कि इस दल के साथ उनके दल का गठबधन ह, लेकिन चूकि दोनों वत पाटिया ह, इसलिए विभि मुाें पर उनके मतभेद हो सकते ह।
उधर, शिवसेना के नेता उव ठाकरे ने भाजपा आर सघ मुख के इस ख की कडी आलोचना करते हए चेतावनी दी कि सघ परिवार का शीष नेतव सेना के मत में किसी तरह का हतक्षेप नहीं करे।
