अमर सिंह ने की कांग्रेस की तारीफ
नइ दीली । समाजवादी पार्टी (सपा) से निकासित नेता अमर सिंह ने आज कागेस की सराहना की आर बहजन समाज पार्टी में शामिल होने की सभावना से इकार किया। उहोंने सुझाव दिया कि वह मायावती नेतव वाली पार्टी को उतर देश को तीन भागों में विभाजित करने में सहयोग कर सकते है । कागेस के सदभ में अमर सिंह ने मेलमिलाप वाला ख अपनाने को कहा।
श्री सिंह ने कहा कि हालाकि वहा पर भी ‘परिवार’ को अधिक महव दिया गया ह, लेकिन वह सपा सहित उन पाटियों से अलग ह, जो राजनीतिक चलायी जा रही ह। सपा से निकासित नेता ने कहा कि कागेस आर बसपा में अतर यह ह कि कागेस के राहल गाधी पार्टी के आतरिक लोकत की बात करते ह। पार्टी ने चुनाव कराया आर थिति से निपटने के लिए यवथा ह तथा एक कोर समिति ह, जो निणय लेती ह। श्री सिंह ने सवाददाताआें को एक साक्षाकार में बताया कि यह बात नहीं ह कि पार्टी अयक्ष कुछ कहे आर अगले ही दिन उसके ठीक विपरित कहे। इससे पार्टी की छवि खराब होती ह, योंकि इससे पार्टी की राजनीतिक विवनीयता भावित होती ह।
यह पूछे जाने पर की उहोंने कागेस में शामिल होने के लिए कोशिश की ह, ५४ वर्षीय नेता ने प करते हए कहा कि वह कोइ बे नहीं ह, जो नसरी में वेश चाहते ह। पूव कागेस सदय सिंह ने कहा कि उनको इतना पता ह कि उनका डीएनएकागेस विरोधी नहीं ह। उनके कइ यगित मि कागेस में ह। अमर सिंह ने कहा कि वह एक ऐसे य ह, जिनके पास बहत सारे विकप ह आर वह अय विकपों की तलाश करेंगे।
उहोंने कहा कि राजनीति एक खेल ह आर हमेशा इसकी साथकता बनी रहेगी। यदि मेरी साथकता होगी, तो लोग उनको जर पसद करेंगे, नहीं तो नहीं करेंगे, जसी पिछले लोकसभा चुनाव के बाद लालू साद यादव की थिति बनी ह। बहत कुछ साथकता पर निभर करता ह। बहजन समाज पार्टी के सबध में पूछे जाने पर श्री सिंह ने कहा कि इस समय बसपा केसबध में कुछ नहीं सोच रहे ह। उहोंने कहा कि यदि उार देश को छोटे रायों में विभाजित करने की माग उठी, तो वह उसके समथन में उार देश की मुयमी आर बसपा मुख मायावती से मिल सकते ह।
सिंह ने कहा कि इस तरह की बठकों का बसपा में थान पाने से कोइ सबध नहीं ह। सपा इस समय पार्टी से निकासित नेता को अपना निशाना बना रही ह, सिंह ने सपा मुख मुलायम सिंह पर तीखा हार करते हए कहा कि जिनके साथ उनका १४ साल का सबध रहा आज वह इस तरह के आरोप लगा रहे ह। उहोंने सपा मुख को सुझाव देते हए कहा, ‘चुप रहना सबसे अछा होता ह। आप भी शात रहें आर मुझे भी शात रहने दें।’ उहोंने कहा, ‘मने इतिहास बनने का फसला किया, उहोंने मुझे इतिहास नहीं बनाया।’
