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मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की बैठक आज

Swatantra Vaartha  Sat, 6 Feb 2010, IST

मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की बैठक आज

नई दिल्ली। आवश्यक वस्तुआ की ब़ढती कीमतों से चिंतित प्रधानमंत्री डॉमनमोहन सिंह ने कल राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक बुलाई है। बैठक में महंगाई पर नियंत्रण की रणनीति बनाई जाएगी। कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की भी आज कीमतों में वृद्धि पर बैठक हुई। समझा जाता है कि सदस्यों ने बैठक में ब़ढती महंगाई पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को इस पर काबू के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।

इससे पहले इसी सप्ताह प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ इस मुद्दे पर बैठक की थी। इस बैठक में मनमोहन ने राज्यों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार तथा कृषि उत्पादकता ब़ढाने पर जोर दिया था। कल मुख्यमंत्रियों के साथ होने वाली बैठक में प्रधानमंत्री खाद्य वस्तुआें की कीमतों पर नियंत्रण के अलावा इनकी जमाखोरी रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम को लागू करने की समीक्षा करेंगे।

गौरतलब है कि दालों और सब्जियों की कीमतों में आ रही तेजी के कारण खाद्य मुद्रास्फीति दिसंबर में दशक के उच्च स्तर २० प्रतिशत के करीब पहुंच गई थी। जनवरी में हालांकि यह घटकर १७ ५६ फीसदी पर आ गई है।

वहीं, थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति की दर पिछले साल के शून्य से नीचे के स्तर से दिसंबर में सात प्रतिशत पर पहुंच गई है।

मार्च तक मुद्रास्फीति की दर के ८५ प्रतिशत पर पहुंचने की संभावना है।

कीमत पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीपी) की २१ जनवरी की बैठक में दालों, चीनी, आलू और प्याज की ब़ढती कीमतों पर विशेषकर चिंता जताई गयी थी। सीसीपी ने सभी राशन कार्डधारकों को उनके मासिक कोटा के ऊपर दस किलोग्राम और अनाज का देने की घोषणा की थी।

सीसीपी ने यह भी सुझाव दिया था कि कीमतों पर नियंत्रण के लिए राज्यों और ज्यादा सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए और जमाखोरी को रोकना चाहिए। साथ ही सीसीपी ने राज्यों की सरकारी एजेंसियों के माध्यम से खाद्यान्न की बिक्री सीधे उपभोक्ताआें करने का भी सुझाव दिया था।

मुख्यमंत्रियों से जमाखोरों के खिलाफ क़डी कार्रवाई को कहेंगे प्रधानमंत्री

आवश्यक वस्तुआें की ब़ढती कीमतों से चिंतित प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कल राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक बुलाई है। बैठक में महंगाई पर नियंत्रण की रणनीति बनाई जाएगी। समझा जाता है कि प्रधानमंत्री बैठक में मुख्यमंत्रियों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को मजबूत करने तथा जमाखोरों के खिलाफ क़डी कार्रवाई को कहेंगे।

एक उच्चस्तरीय सूत्र ने कहा, ‘प्रधानमंत्री संभवत: मुख्यमंत्रियों से केंद्र द्वारा पीडीएस के लिए उनको आवंटित खाद्यान्नों तथा खाद्य तेलों के पूरे कोटे को उठाने को कहेंगे। साथ ही वह राज्यों से जमाखोरों के खिलाफ क़डी कार्रवाई को भी कहेंगे।’ कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की भी आज कीमतों में वृद्धि पर बैठक हुई। समझा जाता है कि सदस्यों ने बैठक में ब़ढती महंगाई पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को इस पर काबू के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। सीडब्ल्यूसी की बैठक में मनमोहन ने कहा कि राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ विचारविमर्श के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और इसके नतीजे अगले कुछ हफ्तों में दिखाई देने लगेंगे। समझा जाता है कि प्रधानमंत्री मुख्यमंत्रियों को बताएंगे कि कुछ राज्यों ने जमाखोरों और कालाबाजारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की है।

खाद्य मुद्रास्फीति को थामने के लिए मनमोहन केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयास पर जोर देंगे। इससे पहले इसी सप्ताह प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ इस

मुद्दे पर बैठक की थी। इस बैठक में मनमोहन ने राज्यों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार तथा कृषि उत्पादकता ब़ढाने पर जोर दिया था।

दालों और सब्जियों की कीमतों में आ रही तेजी के कारण खाद्य मुद्रास्फीति दिसंबर में दशक के उच्च स्तर २० प्रतिशत के करीब पहुंच गई थी। जनवरी में हालांकि यह घटकर १७५६ फीसद पर आ गई है।

वहीं, थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति की दर पिछले साल के शून्य से नीचे के स्तर से दिसंबर में सात प्रतिशत पर पहुंच गई है। मार्च तक मुद्रास्फीति की दर के ८५ प्रतिशत पर पहुंचने की संभावना है।

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