पाक से वार्ता की पेशकश सुविचारित पहल : भारत
नई दिल्ली। भारत ने आज कहा कि पाकिस्तान के साथ विदेश सचिव स्तर की वार्ता का उसका प्रस्ताव वार्ता प्रक्रिया के गतिरोध को दूर करने तथा सीमा पार से हो रहे आतंकवाद के बारे में उसकी फौरी चिंताआें को सीधे तौर पर जाहिर करने की एक सुविचारित पहल है।
सरकार ने इस बात को रेखांकित किया कि वार्ता की पेशकश का यह अर्थ नहीं है कि उसने आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा ‘संतोषजनक, वास्तविक और ढोस कदम उठाने और मुंबई आतंकी हमलों के दोषियों को कानून के शिकंजे में लाने की अपनी उम्मीद को त्याग दिया है। सूत्रों ने स्पष्ट किया कि भारत खुले दिमाग के साथ वार्ता करेगा।
भारत समग्र तरीके से विभिन्न मुद्दों पर बातचीत के लिए राजी है, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि बातचीत समग्र वार्ता के प्रारूप के तहत की जाये, जो २६११ के बाद रोक दी गयी थी। सूत्रों ने बताया कि भारत ने विदेश सचिव स्तर की वार्ता की पेशकश पाकिस्तान द्वारा मुंबई हमलों के बारे में उठाये गये कदमों पर गौर करने और विभिन्न पहलुआें पर गौर करने के बाद उठाया है। विदेश सचिव निरूपमा राव ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष सलमान बशीर से एक हफ्ते पहले बात की थी और उन्हें वार्ता के लिए दिल्ली आने का न्यौता दिया था।
नवंबर, २००८ के मुंबई हमले के बाद भारत ने समग्र वार्ता को स्थगित कर दिया था। भारत ने विदेश सचिव वार्ता के लिए पाकिस्तान को दो तिथियां प्रस्तावित की हैं। इस पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया अभी नहीं आयी है। एक सूत्र ने कहा, ‘हम उस प्रक्रिया को शुरू करने जा रहे हैं, जो १४ माह तक बंद रही।
