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हिंसा से नहीं, लोगों को एकजुट कर दें शिवसेना को जवाब : राहुल

Swatantra Vaartha  Sun, 7 Feb 2010, IST

हिंसा से नहीं, लोगों को एकजुट कर दें शिवसेना को जवाब : राहुल

एडथाला (केरल)। मराठी और गैरमराठी के मुद्दे पर शिवसेना को उसके ग़ढ में जाकर चुनौती देने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज कहा कि शिवसेना कार्यकर्ताआ का विरोध लोगों को एकजुट करके दिया जाना चाहिए, न कि हिंसा के जरिये।

शिवसेना के विरोध को आ़डे हाथों लेते हुए राहुल ने कहा कि कल जब वह मुंबई की उपनगरीय ट्रेन पर सवार हो रहे थे, तो वहां १५ से २० सेना कार्यकर्ता काले झंडों के साथ थे, लेकिन वहां हजारों लोग मेरे समर्थन के लिये भी आये हुये थे। बिना किसी पूर्व कार्यक्रम के राहुल एडथाला आये हुए थे। यहां उन्होंने छात्र नेताआें से कहा कि ‘हमें इसी तरह से उनका विरोध करना चाहिये। हमें उनका विरोध हिंसा के जरिये नहीं, बल्कि लोगों को एकजुट करके देना चाहिये।’शिवसैनिकों के विरोध को नजरअंदाज करते हुए राहुल ने कल अपने काफिले को छ़ोडकर लोकल ट्रेन से शिवसेना के ग़ढ से होकर यात्रा की।

शिवसेना ने अपने कार्यकर्ताआें को निर्देश दिया था कि ‘मुंबई मराठियों के लिये’ का विरोध करने वाले राहुल का स्वागत काले झंडे दिखाकर किया जाये।

राहुल ने कहा कि ‘भारत पर सभी भारतीयों का हक है। अगर आप भारतीय हैं, तो जिस तरह से आप अपने राज्य में रहते हैं, उसी तरह से आप देश के किसी भी भाग में रह सकते हैं। चाहे आप केरल के हों या तामिल या पंजाबी। इससे कुछ फर्क नहीं प़डता।

’ युवाआें का समर्थन हासिल करने के लिए देशभर में दौरे कर रहे राहुल ने कार्यकर्ताआ की एकजुटता के लिए छात्र संगठनों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कांग्रेस के राज्य नेतृत्व और पुलिस सहित हर किसी को चकमा देते हुए राहुल आज सवेरे पांडुचेरी से यहां आये। उन्होंने लक्षद्वीप से आये कार्यकर्ताआें और केरल छात्र संघ के राज्य स्तरीय सदस्यों व जिले के तकरीबन एक सौ निर्वाचित सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की अवधारणा ही संगठनों को मजबूत बना सकता है। राहुल ने काले रंग की कमीज और नीले रंग की जींस पहन रखी थी।

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