हृदय रोग से महिलाएं भी रहें सावधान
क्या आप भी उन महिलाआ में से हैं, जो यह सोचती हैं कि हृदय रोग पुरुषों की समस्या है, लेकिन अमेरिका में किया गया एक शोध दर्शाता है कि ४५ से ६४ वर्षीय औरतों में हर ८ में से१ स्त्री किसी न किसी प्रकार की हृदय समस्या से ग्रसित है। ६५ साल से ज्यादा उम्र के वर्ग में हर ४ में से १ महिला दिल की बीमारी झेल रही है। दिल्ली के मैक्स के देवकी हार्ट एंड वैस्कुलर इंस्टीट्यूट के सीनियर कार्डियोलाजिस्ट का कहना है कि ६६ से ७५ प्रतिशत मधुमेह के मरीज दिल के रोग से मरते हैं। मधुमेह गंदे कोलेस्ट्रोल और ट्राइग्लीसिराइड का स्तर ब़ढा देता है। मधुमेह से ग्रस्त कई औरतों को उच्च रक्तचाप भी होता है और उनका वजन भी अधिक होता है, इसलिए उन्हें हृदय रोग का अधिक खतरा होता है।
महिलाआें में अधिकतर हार्ट अटैक के मामलों में छाती में प़ीडा या परेशानी महसूस होती है, छाती के निच़ुडने या भरे होने का अहसास होता है। दर्द ब़ढकर बाएं जब़डे या कंधे या शरीर के वाम भागों के अन्य किसी अंग को प्रभावित कर सकता है। उनके अनुसार पहला लक्षण प्रकट होने के बाद १ घंटे के अंदर हार्ट अटैक का इलाज शुरू हो जाना चाहिए, चेतावनी के संकेतों को तुरंत पहचानकर तत्परता से मेडिकल मदद लेनी चाहिए, क्योंकि मरीज को कई बार हार्ट अटैक सीने मे दर्द के रूप में प्रकट नहीं होता, बल्कि अपच, पसीना, घबराहट और गश आने के रूप में प्रकट होता है।
दिल्ली हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ का मानना है कि ऐसा बहुत दुर्लभ होता है कि हार्ट अटैक बिना किसी लक्षण के खामोशी से आ जाए और वह भी मधुमेह ग्रस्त रोगी के मामले में, यहां बताए गए किसी भी लक्षण के प्रकट होने पर बहुत जरूरी है कि मरीज का ईसीजी किया जाए। उनके अनुसार हृदय की रक्षा करना बहुत आसान सिद्ध हो सकता है, जैसे तेज चलना, वैजीटेबल सूप पीना, शरीर का वजन आदर्श बनाए रखना आदि।
हाइपरटेंशन को रोकने वाले खानपान से आप अपना रक्तचाप कम रख सकते हैं, इस प्रकार हृदय रोग का खतरा कम होगा। उनका कहना है कि फल, सब्जियां, वसायुक्त या कम वसा वाले दूध और साबुत अनाज, साबुत अन्न के उत्पाद जैसे ब्रेड, क्रैफर्स, पोनकेक्स एवं ओट्स में विलयशील रेशे व बीटा ग्लूकोन हाेेते हैं, जिनमें कोलेस्ट्राल को कम करने की क्षमता होती है और इस प्रकार ये दिल के रोग का जोखिम घटाते हैं। उनका कहना है कि वजन कम करने की शौकीन कई महिलाएं सोचती हैं कि सिगरेट न पीने से उनका वजन ब़ढ जाएगा, थ़ोडा वजन शायद इसलिए ब़ढ जाता है, क्योंकि सिगरेट बंद करने की वजह से बचने वाली ऊर्जा का प्रयोग शरीर दूसरी तरह से लगता है। कम कैलोरी वाली भोजन करने और शारीरिक सक्रियता ब़ढाने से हृदय रोग का खतरा कम होता है।
