पहनें वही जो आंखों को दे सुकून
वेडिंग सीजन के दस्तक देते ही लोग रूपरंग और लिबास को लेकर तैयारियां तेज कर देते हैं। आजकल शादी के मौके पर ल़डकियां ट्रेडिशनल के साथसाथ मॉडर्न लुक भी चाहती हैं। इस बार फेशन डिजाइनर्स ने लहंगा व चोली व स़ाडी के साथ कई तरह की वेस्टर्न ड्रेसेज पर भी खूब एक्सपेरिमेंट्स किये हैं। चलिए डालते हैं एक नजर इस बार के फैशन पर। जो बकौल फैशन डिजाइनर मानसी सेन शर्मा के, पूरी तरह से पारंपरिक भी नहीं है और वेस्टर्न के इर्दगिर्द भी घूमता नजर आ रहा है।
लहंगाचोली का नया रूप
डिजाइनर्स के अनुसार इस बार लहंगे के साथ कुर्ती काफी चलन में है। फुल कुर्ती के साथ बैकलेस क्रॉस डोरी वाली डिजाइन स्पेशल लुक देती है। साथ ही अंगरखा चोली भी ट्रेंडी लगेगी। वहीं मौसम के अनुसार थ्री फोर्थ स्लीव्स भी विशेष तौर पर पसंद की जा रही हैं। लहंगे और कुर्ती के लिए शिमर, शिफॉन, जॉर्जेट तथा सिल्क के अलावा ब्रोकेड आदि को भी काफी पसंद किया जा रहा है। चाहें तो चोली को परंपरागत रखें या फिर इसे स्लीवलेस या नेक कट को डीप करके पाश्चात्य रूप भी दिया जा सकता है। इसी तरह लहंगे को भी परंपरागत रखा जा सकता है या फिर यूरोपीय स्कर्ट के रूप में ढाला जा सकता है। इसके अलावा घेरे की डिजाइनिंग भी कई तरीकों से की जा सकती है। अगर आप चोली या लहंगे के साथ एक्सपेरिमेंट कर रही हैं, तो कोशिश कीजिए कि दुपट्टा या स्टोल भारी न हो।
रॉयल है वेल्वेट
सर्दियों में आप वेल्वेट की पारंपरिक ड्रेस भी डिजाइन करवा सकती हैं। वही वेल्वेट फैब्रिक से बनी वेस्टर्न ड्रेस भी आपको रॉयल लुक देगी। आप रेड, ब्लैक व ब्ल्यू कलर के साथ सिल्वर व गोल्डन कलर का पैच वर्क डिजाइन करवा सकती हैं।
डिमांड में है वाइल्ड व एनिमल प्रिंट्स
सामान्य मौकों के लिए जैसे पार्टी या गेटटूगेदर आदि आजकल ये दोनों ही प्रिंट्स फैशन में हैं। एलिगेंट लुक के लिए इस प्रिंट में ट्रेंच ड्रेस (लूज बेल्टेड ड्रेस), सिंपल ब्लाउज और स्ट्रेट स्कर्ट बेहतरीन ऑप्शन होंगे। वाइल्ड प्रिंट्स में शॉर्ट स्कर्ट, हॉटपैंट्स या लोकट टॉप्स पहनने से बचें। वाइल्ड प्रिंट्स के साथ कम से कम एक्सेसरीज पहनें। इन प्रिंट्स को सिंपल एक्सेसरीज जैसे ब्लैक शूज या बेल्ट के साथ कंबाइन करें। डार्क डेनिम और व्हाइट एंड रेड कलर कॉम्बिनेशन भी इन प्रिंट्स के साथ पहन सकती हैं। इन प्रिंट्स में स्टॉकिंग्स से लेकर जैकेट तक बहुत कुछ ट्राई किया जा सकता है। लांग ड्रेसेज व स़ाडी में भी यह स्टाइल काफी अच्छा लगता है।
रंगीला अंदाज
यदि रंगों की बात करें, तो अब नीला, हरा, गुलाबी, चॉकलेटी, नारंगी आदि रंगों की लोकप्रियता भी ब़ढी है। ग्रीनरेड, महरूनग्रीन, ऑरेंजसिल्वर, गोल्डनमहरून, पिंकसिल्वर आदि कॉम्बिनेशन के अलावा प्योररेड, डार्क पिंक, पर्पल तथा आसमानी रंग भी काफी पसंद किए जा रहे हैं। इसके अलावा पारंपरिक ड्रेसेज में मल्टी कलर का इस्तेमाल भी देखने को मिल रहा है। लाइट टोन पसंद करने वालों के लिए गोल्डन कलर अच्छा ऑप्शन है। वहीं मोव, पिंक विद पर्ल कलर, एमरल्ड ग्रीन कलर भी अच्छे विकल्प हैं। डीप टोन के लिए शैंपेन और वाइन कलर भी पसंद किया जा रहा है।
महिलाओं की सेहत के लिए कुछ सुझाव
* किशोरियों को जब पीरियड्स शुरू होते हैं, तो उन्हें आयरन, रिच डाइट व हरी सब्जियां तथा हाडई प्रोटीन डाइट लेनी चाहिए।
* अधिकतर ल़डकियों को यह कहते सुना जाता है कि पीरियड्स रुकरुक कर आते हैं। इसमें घबराने की कोई बात नहीं है। जब पीरियड्स शुरू होते हैं, तो हार्मोन्स को संतुलन बनाने के लिए ६ महीने से १ साल का समय लगता है, लेकिन अगर यह क्रम लगातार चलता रहे, तो हो सकता है आपको पीसीओडी की समस्या हो, इसलिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें और एक्सरसाइज करें। वजन कम करें, अच्छी डाइट लें और मोटापे से बचे।
* प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को अपनी नॉलेज को अपडेट करना चाहिए। अगर किसी का एचबी ८ ग्राम या इससे भी नीचे हो जाए तो डॉक्टर से सलाह कर इन्जैक्टि आयरन थैरेपी लेनी चाहिए।
* हमेशा खुश रहना चाहिए। रेगुलर चेकअप करवाना चाहिए और प्रॉपर वैक्सीनेशन लेनी चाहिए। बीपी ब़ढने की समस्या हो, तो नमक तथा घी कम लेना चाहिए।
* अधिकतर महिलाएं वैजनाइल इन्फैक्शन की शिकार होती हैं, उन्हें पानी अधिक पीना चाहिए और साफसफाई का पूरा ध्यान रखना चाहिए।
* बच्चेदानी के मुंह के कैंसर व ब्रेस्ट के कैंसर के प्रति जागरूक रहना चाहिए व अपने डॉक्टर से खुलकर बात करनी चाहिए।
* ६० वर्ष के बाद महिलाओं में ओस्टियोपोरोसिस की समस्या आ जाती है। इसे लेट इफैक्ट कहा जाता है। यह दौर मोनोपाज के १० साल बाद आता है। ४०५० वर्ष के बाद महिलाओं में मोनोपाज के उपरांत कैल्शियम सप्लीमेंट्स के साथसाथ हल्कीफुल्की सैर व धूप में अवश्य बैठना चाहिए। इससे विटामिन बी, जो कैल्शियम को हड्डियों में संजोए रखता है।
