हैदराबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय का अनूठा कोर्स एकीकृत एमए हिन्दी
हैदराबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय में एकीकृत अध्ययन के लिए एक विशेष केन्द्र सत्र २००६२००७ से स्थापित किया गया है। केन्द्र विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की आर्थिक सहायता से चलता है व विश्वविद्यालय के गच्छीबोली परिसर में ही है।
केन्द्र विविध विषयों में आईएमए व आईएमएससी कोसा] के अतिरिक्त हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि हेतु पंचवर्षीय प्रोग्राम (कोर्स) प्रस्तुत करता है। इसी कोर्स का नाम है एकीकृत एमए हिन्दी, जिसका लोकप्रिय संक्षिप्त नाम आईएमए हिन्दी है।
कोर्स के लिए योग्यता इंटरमीडियेट अथवा +२ अथवा समकक्ष परीक्षा हिन्दी प्रथम या द्वितीय भाषा के साथ अथवा हिन्दी माध्यम से उत्तीर्णता है। छात्रों का चयन विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित लिखित व मौखिक परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर होता है। स्कूलों व जूनियर कॉलेजों से निकले छात्रों को यहां वरिष्ठ प्राध्यापकों से लेकर प्रोफेसरों तक से प़ढने का सौभाग्य प्राप्त होता है। अध्यापक वर्ग में से अधिकतर ने राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं। ‘प्रोग्राम’ की मजेदार विशेषता यह है कि छात्रों के लिए इन्चार्य अध्यापक के अतिरिक्त ‘मेन्टर’ अध्यापक की भी व्यवस्था है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ सयैद ए हसनेन व प्रतिकुलपति प्रो वी कन्नन से लेकर कई आचाया] ने स्वेच्छापूर्वक ‘मेन्टर’ बनना स्वीकार किया है।
‘मेन्टर’ उन्हें छुट्टी अथवा त्यौहार वाले दिन अपने घर ले जाते हैं। बातचीत व खाने पीने के दौरान छात्र उनसे घुल मिल जाते हैं व उनका घर से दूर रहने का अकेलापन, नये स्थान व वातावरण का भय और घबराहट इत्यादि बहुत कम हो जाते हैं। इन्चार्ज प्राध्यापक बच्चों की प़ढाई, छात्रावास, मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या सुलझानेे में सतत कार्यरत रहते हैं। इस प्रकार इन्चार्ज अध्यापक की अभिभावकीय भूमिका व अन्य अध्यापकों की ‘मेन्टर’ की भूमिका छात्रावास व विश्वविद्यालय को छात्रों के लिए ‘घर से दूर एकदूसरे घर’ का आभास देती है। हैदराबाद सिकंदराबाद से आने वाले छात्रों के लिए ‘मेन्टर’ अध्यापक स्थानीय अभिभावक का काम करते हैं।
कोर्स में प्रविष्ठ छात्रों को स्नातकोत्तर स्तर की विशेष शिक्षा दी जाती है। कोर्स में गणयता प्रथा होने के कारण यह लचीला है, उदाहरणार्थ प्रथम वर्ष के २ सत्रों में छात्रों के लिए निम्न आवश्यक विषय उपलब्ध है अंग्रेजी, द्वितीय भाषा, मुख्य भाषा हिन्दी, सूचना तकनीकी ।
इसके अतिरिक्त निम्न विषयों में से छात्रों को गणनाकों के अनुसार २ या ३ अन्य विषयों को चयन करने की स्वतंत्रता होती है। विषय ये हैं।
भाषा विज्ञान का परिचय ।
पर्यावरण विज्ञान का परिचय ।
दर्शन शास्त्र ।
परिचयात्मक जीवन विज्ञान ।
अर्थशास्त्र ।
सामाजिक विज्ञानों का परिचय ।
बृहत मीडिया में हिन्दी।
भारतीय गणित की झलकियां ।
भाषाआें के अतिरिक्त सभी विषय अंग्रेजी में प़ढाए जाते हैं।
आईएमएहिन्दी के विशेष आकर्षण
१ दस सत्रों तक प्रतिमाह वित्तीय सहायता
२ कोर्स अध्यापन, शोध संबंधी व हिन्दी अधिकारी इत्यादि पदों के अतिरिक्त मीडिया, पत्रकारिता, अनुवाद, प्रकाशन, भाषाआें के संदर्भ में कम्प्यूटर एपलिकेशन व सॉफ्ट वेयर विकास (ीेषीुरींश वशर्शींश्रेाशपीं) जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध अनेक व्यवसायों के लिए छात्रों के समुचित रूप से तैयार करता है। विश्वविद्यालय के परिसर में ही स्थित दूर शिक्षा केन्द्र भाषा संबंधित कुछ ऐसे कम्प्यूटर व सामान्य कोर्स उपलब्ध करवाता है, जो छात्रों की खचअ हिन्दी के तुरंत बाद व्यवसाय प्रवेश की गारंटी और भी पक्की कर देता है।
३ ग्रेड प्रणाली छात्रों की मानसिकता के अनुकूल है।
४ कोर्स के दौरान मुख्य भाषा हिन्दी के अन्तर्गत हिन्दी भाषा व साहित्य, अनुवाद व तुलनात्मक अध्ययन से संबंधित कुछ पर्चे अंग्रेजी में ही प़ढाए जाएंगे, जिनकी परीक्षा भी अंग्रेजी में ही होगी।
५ सभी विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, कम्प्यूटर इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है।
प्रवेेश परीक्षा की जानकारी
इस वर्ष प्रवेश परीक्षा की सूचना सभी प्रमुख समाचारपत्रों में शीघ्र ही दे दी जाएगी।
