लोराइड आर हमारे दात
दातों के ऊपर एक कडा आवरण होता ह, यह खनिज पदाथा] का बना होता ह, इसे लोराइड कहते ह। लोराइड की विशेषता यह होती ह कि यह दात के सडने की किया धीमी कर देता । लोराइड का यह असर इनामेल को खराब होने से रोकता ह आर खनिज पदाथा] की कमी को पूरा करने में वाभाविक मदद करता ह।
दातों ारा चबाए जाने की किया का सूम परीक्षण किया जाए तो देखा जा सकता ह कि लोराइड कसे काम करता ह आर उसका असर या होता ह। लोराइड मिश्रित पीने का पानी व मजन लोराइड का अछा ाेत ह। अगर आपके पीने के पानी में लोराइड न हो, तो डाटर इसके सलीमेंट आपको देते ह। अगर दात के कमजोर भाग पर यान न दिया जाए तो वहा छेद बनकर भोजन व मल इका हो जाते ह व दात सडन फलाते ह। यह सडन अय दातों में भी फल सकती ह। दात में सडन सबसे दात ारा काटी जाने वाली सतह से शु होती ह आर समय पर उपचार न लेने पर दात खोखला हो जाता ह। लोराइड इस सडन को रोकता ह । अत दातों की सुरक्षा के लिए लोराइड यु मजन का इतेमाल करें।
टाबेरी पराठा
सामगी आधा किलो टाबेरी (धोकर साफ की हइ), १०० गाम सफेद तिल, चिराजी, टाबेरी जम।
विधि टाबेरी को मश कर लें। इसमें तिल, चिराजी आर टाबेरी जम मिलाकर थोडासा पका लें। आटे को गूथ कर लोइ तयार कर लें। लोइ को बेल लें। इसमें टाबेरी की टफिंग करें। घी लगाकर तवे पर पराठे को सेंक लें, फिर सव करें।
हरी मथी का पराठा
सामगी आधा किलो मथी साफ की हइ, नमक वादानुसार, हीर मिच, अदरक, लहसुन (सभी मिसी में मश किए हए), अजवाइन, हकी हींग, साफ।
विधि हरी मथी को साफ कर पानी में धो लें, फिर उसे बारीक बारीक काट लें। आटे में कटी मथी व उसमें अदरक, लहसुन, हरी मिच मश किए हए मिलाए। नमक को वादानुसार डालें। इसी में अजावइन, साफ व हकी हींग डालकर पानी से गूथ लें। फिर तवे पर तेल लगाकर सेंकें। धनिए की हरी पाी के साथ सव करें।
