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वेडिंग कोरियोग्राफी

Swatantra Vaartha  Thu, 2 Sep 2010, IST

वेडिंग कोरियोग्राफी

विवाह की खुशियों में खासखास मौकों पर नृत्य करना हमारी संस्कृति और परम्परा में रचाबसा है। देश के लगभग हर समाज में विवाह के दौरान यह रिवाज देखने को मिलता है, चाहे वह किसी भी हिस्से में होने वाली शादी हो। ऐसे मौके पर नृत्यसंगीत का पारम्परकि महत्व तो है ही, अब तो किसी खास अंदाज में नृत्य करना ऐसे मौकों पर खुद को स्टाइलिश साबित करने का माध्यम भी है। यही कारण है कि वेडिंग कोरियोग्राफरों की मांग ब़ढने लगी है, जो रिश्ते के बंधन में बंध रहे परिवारों में विवाह पूर्व आकर लोगों को खास डांस की ट्रेनिंग देते हैं, ताकि मेहंदी या विवाह के दौरान नृत्य के हर स्टेप में कुशल कलाकारी सबको लुभा सके।

ब़ढती लोकप्रियता

पहले तो सामान्यतः सिर्फ उच्च वर्ग के लोगों में ही ऐसी डांस ट्रेनिंग का चलन था, लेकिन अब जिंदगी में स्टाइल की चाहत रखने वाला मध्यमवर्गीय समाज भी इसे पसंद करने लगा है। श्रीकांत जौली की इवेंट कंपनी जस्ट फॉर यू डांस कोरियोग्राफी सिखाने का काम भी करती है। वह बताते हैं, ‘इसके तहत डीमांड के अनुसार ट्रेनिंग दी जाती है। परिवार के कम से कम ८ से १५ सदस्यों को यह डांस ट्रेनिंग दी जाती है, जिनमें चाचा, ताऊ, बुआ, मामा, चाची, भाभी आदि करीबी रिश्तेदार होते हैं। खर्च कम से कम ३० हजार तक का आता है।’

असल में शादियों में एकदूसरे की पहचान कराने का यह परम्परागत तरीका है, जिसे खास तौर पर रिंग सेरेमनी, मेहंदी की रात जैसे मौकों पर नृत्य के माध्यम से व्यक्त किया जाता है। ऐसे में किसी फिल्मी गीत की पैरोडी के आधार पर नृत्य में कुुशलता हासिल होने से माहौल की रौनक ब़ढ जाती है। डांस सीखने पर होने वाले खर्च के बार में वी३ इवैंट्‌स एंड एंटरनेटनमेंट प्रा लि के बंटी नारंग बताते हैं, ‘सामान्यतः यह खर्च गीतों की संख्या पर निर्भर होता है। प्रति गीत १ से ड़ेढ हजार का खर्च आता है और ट्रेनिंग २३ दिन से लेकर एक सप्ताह तक दी जाती है।’

थीम संगीत होने से उसके अनुसार नृत्य सीखना अब और जरूरी हो गया है। कहती हैं तानिया, जो मराठी होने के बावजूद भांग़डा नृत्य भी अच्छा करती हैंं। वेडिंग कोरियोग्राफी के तहत शादी के बंधन में बंधने वाला परिवार जिस समाज से संबंधित होता है, उसी के अनुसार उसे डांस की ट्रेनिंग दी जाती है। इसकी वजह यह है कि अक्सर लंबे समय तक अपनी मूल जगह से दूर रहने के कारण लोग अपना पारम्परिक नृत्य उतनी कुशलता से नहीं करते। इसलिए इन मौकों के लिए वह खास तौर पर डांस सीखने के इच्छुक रहते हैं।

घर में प्रोफेशनल डांसर

वेडिंग कोरियोग्राफरों की तमाम कोशिशों के बावजूद ऐसा होता है कि घर वाले उस तरह से डांस करना नहीं सीख पाते, जैसे धमाकेदार डांस की दरकार विवाह जैसे मौकों के लिए होती है।

ऐसे में ही काम आते हैं, प्रोफेशनल डांसर, जिनकी मांग भी ऐसे अवसरों के लिए खूब होने लगी है। इस बाबत एक थीम मैनेजमैंट कंपनी के कर्त्ताधर्ता संजय हंस बताते हैं कि ऐसे डांसरों की मदद से माहौल की रौनक और ब़ढ जाती है। जहां घर के सदस्य डांस कर रहे होते हैं, वहीं जाकर ये भी डांस करने लगते हैं।

बात सेलिब्रिटीज की

अब तो शादी में डांस करने के लिए सेलिब्रिटीज को भी बुलाया जाने लगा है। परिवार जितना समृद्ध होता है, उतनी ही ब़डी सेलिब्रिटीज भी बुलाता है। सिने सेलिब्रिटीज भी उच्च घरानों में शादियों में अपने जलवे बिखेरते नजर आ सकते हैं। टीवी व कॉमेडी कलाकार और गायकगायिकाआें की भी मांग ऐसे आयोजनों में रहती है।

किसी ब़डे नाम को बुलाने के लिए कीमत शुरू होती है कम से कम १ लाख रुपये से और अधिकतम सीमा तो कुछ भी हो सकती है। जब स्थिति इतने ब़डे नाम के साथ डांस करने की होती है, तो खुद को भी तो डांस करना आना ही चाहिए, इसलिए ऐसे लोग विविह से पहले वेडिंग कोरियोग्राफर का सहारा लेते हैं। नृत्य के साथसाथ ऐसे मौकों के लिए गीत भी सिखाए जाते हैं, क्योंकि गीत और संगीत एकदूसरे के अभिन्न अंग हैं।

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