स्लिप डिस्क नजर अंदाज करने की चीज नहीं
मनुष्य के शरीर में ऱीढ की हड्डी पूरे शरीर का आधार होती है। यह संरचना हड्डियों के कई टुक़डों से मिलकर बनती है। इनमें से हर दो हड्डियों के बीच एक मुलायम गद्देदार परत होती है। यही परत ‘डिस्क’ कहलाती है और जब यह अपनी जगह से खिसक जाती है, तो आप स्लिप डिस्क के शिकार हो जाते हैं। इससे आपकी कमर, गर्दन, पैरों और बांहों में भयंकर दर्द हो सकता है।
कारण
स्लिप डिस्क के कई कारण हो सकते हैं। मुख्य तौर पर व्यायाम न करना, गलत तरीके से उठनाबैठना, चलना, अनियमित दिनचर्या का होना, शारीरिकमानसिक तनाव, विटामिन्स तथा कैल्शियम की कमी तथा मोटापा आदि इसमें शामिल हैं।
उपचार
स्लिप डिस्क के शिकार लोगों के लिए दर्द की स्थिति में पूरी तरह आराम करना सबसे अच्छा उपाय है। इसके अतिरिक्त दवाइयों, फिजियोथैरेपी एवं व्यायाम को अपनाया जाता है। बहुत ज्यादा दिक्कत हाेेने पर सर्जरी का भी सहारा लिया जाता है।
बचाव
स्लिप डिस्क न हो इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें ।
* नियमित व्यायाम करें।
* तनाव और दबाव से बचें।
* काम और आराम के बीच संतुलन बनाए रखें।
*सही तरीके से ख़डे हों, बैठें और लेटें।
* पौष्टिक तथा संतुलित भोजन लें तथा पानी अच्छी मात्रा में पिएं।
* तकलीफ होते ही तुरंत डॉक्टर से मिले।
क्या न करें
* बहुत ज्यादा फास्टफूड का सेवन।
* कमर दर्द या थकान को नजरअंदाज न करें।
* लगातार, बिना ब्रेक लिए काम करने से बचें।
* ग़ाडी चलाते समय पूरी सावधानी बरतें।
* बहुत ऊंचे या ब़डे तकियों का उपयोग न करें।
* बिस्तर पर मुलायम मैट्रेस न बिछाएं।
