महंगाई मुददे पर संसद में भारी हंगामा
विपक्षी व सहयोगी दलों ने नहीं चलने दी कार्यवाई
नइ दीलली , । महगाइ पर चचा कराने के नियमों को लेकर विपक्ष आर साापक्ष के बीच बने गतिरोध के कारण बजट स का पहला कामकाजी दिन आज हगामे की भेंट चढ गया आर लोकसभा तथा रायसभा की बठकें एक बार के थगन के बाद दिन भर के लिए थगित हो गयीं।
दोनों ही सदनों में विपक्षी आर सरकार को बाहर से समथन दे रहे कुछ दलों ने मत विभाजन वाले नियमों के तहत महगाइ पर चचा कराने की माग की, जिसे सरकार ने ठुकरा दिया। इससे गतिरोध बना रहा आर हगामे के चलते कुछ आवयक कागजात सदन पटल पर रखवाने के सिवाय कोइ खास कामकाज नहीं हो सका। बजट स के पहले कामकाजी दिन (लोकसभा की बठक) की शुआत होने पर कुछ आपचारिक कायवाही के तुरत बाद विपक्ष की नेता सुषमा वराज ने महगाइ का मुा उठाते हए इस पर कायथगन ताव के तहत चचा कराए जाने की माग की।
उहोंने कहा कि महगाइ पर पहले भी विभि नियमों के तहत चचा हो चुकी है , लेकिन सरकार ने विषय को गभीरता से नहीं लिया, इसलिए अब विपक्ष कायथगन ताव के तहत इस पर चचा चाहता है।
समाजवादी पार्टी मुख मुलायम सिंह ने भी उनकी बात का समथन करते हए कहा कि सरकार को इस मुे पर पीकरण देना चाहिए। इस पर ससदीय काय मी पवन कुमार बसल ने कहा कि विपक्ष की नेता खुद कह चुकी ह कि पिछले छह साल से इस विषय पर सदन में चचा होती आयी है। उहोंने दलील दी कि यह कोइ नया विषय नहीं है, इसलिए कायथगन के तहत चचा नहीं करायी जा सकती। नियम५८ (२) आर ५८ (३) के अनुसार केवल हाल के विषयों पर ही कायथगन के तहत चचा हो सकती ह। उनके इतना कहते ही सरकार को बाहर से समथन दे रहे दलों सहित समूचा विपक्ष आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने लगा। थिति शात न होती देख अयक्ष मीरा कुमार ने बठक करीब ३५ मिनट के लिए १२ बजे तक थगित कर दी। बठक दोबारा शु होने पर बसल ने अपनी बात आगे बढाते हए कहा कि महगाइ ऐसा मुा है, जिस पर केवल कें की नहीं, बकि राय सरकारों की भी जिमेदारी बनती ह आर कायथगन ताव के तहत केवल उहीं विषयों पर चचा करायी जा सकती है, जिनमें सिफ कें की जिमेदारी हो। उहोंने दलील दी कि महगाइ के बारे में जमाखोरों आर कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कारवाइ, आवयक वतु रखरखाव कानून (एमा) आदि लागू करना राय सरकारों का काम है।
