क्रिशन 15 जुलाइ को पाकिस्तन जायेंगे
दोनों देशों के विदेश सचिव 26 जून को करेंगे मुलाकात
नइ दीलली / । आपसी विवास में आयी कमी की खायी को पाटने के यासों के तहत विदेश मी एसएमकणा 15 जुलाइ को अपने पाकितानी समकक्ष शाह महमूद कुरशी से बातचीत के लिए पाकितान जाएगे आर वाता किया को आगे बढाने के तारतरीकों पर बात करेंगे। इस याा से पहले विदेश सचिव निपमा राव 26 जून को इलामाबाद में अपने पाक समकक्ष सलमान बशीर से मुलाकात करेंगी। दोनों अधिकारी दक्षेस के गह मयाेिं की बठक से इतर मुलाकात करेंगे। राव दक्षेस बठक के लिए गहमी पीचिदबरम के साथ इलामाबाद जाएगी। दोनों विदेश सचिव कणाकुरशी की बठक के एजेंडे को अतिम प देंगे। कणा आर कुरशी के बीच आज फोन पर हइ २५ मिनट की बातचीत के बाद १५ जुलाइ की मुलाकात का फसला लिया गया। दोनों ने अपनी आगामी वाता को पिक्षीय सबधों में आगे बढने की दिशा में एक महवपूण कदम बताया। फोन करने वाले पाकितानी मी ने कणा को पाक याा का याता दिया, जिहोंने कहा कि उहें बातचीत का इतजार ह।
कणा ने सवाददाताआें से कहा, ‘पाकितान के विदेश मी ने मुझे १५ जुलाइ को इलामाबाद आने का निमण दिया। इसलिए म विदेश मी कुरशी से वाता के लिए इलामाबाद याा की योजना बना रहा है ।’
कणा ने कहा, ‘म इस बातचीत के ति आशावित ह आर आइये यह उमीद करें कि इस बातचीत से हमारे देशों को करीब लाने में मदद मिलेगी। हम उमीद करें कि हमारी कोशिशें साथक होंगी।’ उहोंने कहा कि वह आर कुरशी दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढाने के तारतरीकों पर काम करेंगे, ताकि ‘आपसी भरोसे’ वाले माहाल में सभी लबित मुाें पर चचा की जा सके। उहोंने कहा कि दोनों देशों के धानमयाेिं ने पिछले महीने थिपू में बठक के बाद अपनेअपने देश के विदेश मी आर विदेश सचिव से कहा था कि वे यथासभव जद मुलाकात करें आर ‘आपसी भरोसे में कमी’ को दूर करने के तरीकों पर चचा करें। गत गुवार कणा ने रायसभा में कहा था कि भारत ने बातचीत करने का फसला किया ह, योंकि पाकितान के धानमी के तर पर आवासन मिलने के साथ ही सबधों में बदलाव आया ह। पाकितानी धानमी ने यह आवासन दिया ह कि आतकवाद से जुडी भारत की मुख चिंताआें पर उचित तरीके से यान दिया जायेगा।
उधर, इलामाबाद में कुरशी ने आज प किया कि दोनों पक्ष खुले मन आर सकारामक नजरिये के साथ बातचीत करेंगे। आतकवादी कयों को बातचीत की किया में अवरोध पदा नहीं करने दिया जायेगा। उहोंने कहा, ‘भरोसे में कमी को बातचीत के जरिये दूर किया जायेगा, जिस दारान हम लबित मुाें पर चचा करेंगे।’ बातचीत के दारान या कोइ गति हासिल होगी, इस पर उहोंने कहा, ‘म कोइ झूठी उमीद नहीं दिखाऊगा। म आशावादी है , पर यथाथवादी भी ह। म चुनातियों को समझता ह, म कठिनाइयों को देख पा रहा ह। म विवास की कमी को भी समझ पा रहा ह। यह एक अयत कठिन काम है ।’
कुरशी ने कहा, ‘यकायक कोइ चमकार होने की उमीद मत कीजिए। अछी चीज यह ह कि दोनों देशों में लोकत ह आर हम लोकत, चचा, वाता तथा विचारविमश में विवास रखते ह। हमने बहत अछी बातचीत की आर हम इस पर आगे बढेंगे। तुरतफुरत में कोइ हल नहीं निकलता।’ उनका यह जवाब यह पूछे जाने पर आया कि ऐसी बरें ह कि दोनों पक्ष पहले हइ वाता के जरिये किया में सियाचिन आर सरकीक से सबधित मुाें पर एक समझाते के करीब आ चुके ह। कुरशी ने कहा कि वह इलामाबाद में कणा से बातचीत करने के बाद अगले दार की वाता के लिये दीि याा पर जायेंगे।
पाकितानी विदेश मी ने कहा कि उहोंने भारत के साथ लबित मुाें के समाधान के लिये राीय आम सहमति बनाने के उेय से असय आर सय नेतव के साथ सलाहमशविरा शु कर दिया ह।
उहोंने कहा, ‘मेरा मानना ह कि भारत के साथ परिणाममूलक आर साथक बातचीत के लिये सभी साझेदार साथ आयेंगे।’ मुबइ पर २६/११ को हए हमले के मेनजर कमीर आर अय मुाें पर वाता किया को रोक दिया गया था। थिंपू में दक्षेस शिखर समेलन के इतर हइ सिंहगिलानी की बठक पिछले वष जुलाइ में शम अल शेख में दोनों नेताआें के बीच मुलाकात के बाद पहली महवपूण पिक्षीय वाता थी।
थिंपू में श्री सिंह आर गिलानी विदेश मी तर पर वाता किया को शु करने को राजी हए जिसके तहत आतकवाद, कमीर आर सियाचीन जसे महवपूण मुाें पर वाता होनी ह। दोनों नेताआें ने विदेश मयाेिं आर विदेश सचिवों को सबधों में विवास बहाल करने की जिमेदारी सापी ह। उस व श्री सिंह ने इस बात पर गहरी चिंता जताइ थी कि २६/११ का सरगना आर जमात उद दावा मुख हाफिज सइद आजादी से घूम रहा ह आर वह ऐसी भाषा तथा सवाद में लित ह, जो शाति तथा थिरता के लिए बिकुल भी अनुकूल नहीं ह। गिलानी ने श्री सिंह को आवत कराया था कि उनकी सरकार मुबइ हमलों के षडयकारियों को याय के कटघरे में लाने का हरसभव यास कर रही ह आर भारत के खिलाफ आतकवाद के लिए पाकितानी धरती का इतेमाल नहीं होने दिया जाएगा।
