चूहे जसा छोटाि कतु रहरयमयी जानवर ‘लेिमंग’
नार्वे, वीडन, लपलड इयािद कुछ ठडे इलाकों में पाये जाने वाले जानवर ह वहीं लेमिंग नामक जीव दुिनया का सबसे िदलचप आर रहयमयी जानवर माना जाता है, जो चूहे जसा एक छोटा सा जानवर है । करीब पाच इच लबे इस जानवर की सबसे बडी िवशेषता यही है िक जब िसकी इलाके में लेिमंग की तादाद बहत यादा बढ जाती ह तो ये समुाें की ओर कूच कर देेते ह आर समु में कूदकर ‘आमहया’ कर लेते है ।
दरअसल हर तीसरेचाथे साल खासकर नार्वे, वीडन तथा लपलड के कुछ इलाकों में लेमिंग की जनसया बहत यादा बढ जाती ह, जो किसी देश की सेना के बराबर भी हो सकती ह। फिर लेमिंग की यह विशाल सेना समु की ओर निकल पडती है , लेकिन ये इतनी धीरेधीरे समु की ओर बढते ह कि समु तक पहचने में इहें एक से तीन साल तक का समय लग जाता ।
जब ये समु की ओर बढते हए खेतों से गुजरते ह तो फसलों को बहत नुकसान पहचाते ह, कितु इस दारान दूसरे जानवर व पक्षी भी लेमिंग का पीछा कर इनका जमकर शिकार करते ह, कितु चूकि समु तक की याा में लेमिंग को काफी लबा समय लगता ह, इसलिए इस दारान इनकी आबादी भी लगातार बढती रहती ह, जिससे पक्षियों या जानवरों ारा इनका शिकार करने पर भी समु तक पहचने पर इनकी तादाद बहत यादा होती ह। आज तक वज्ञानिकों को भी यह रहय समझ नहीं आया है िक लेमिग आखिर इतनी विशाल सया में समु में कूदकर एक साथ सामूहिक आमहया यों करते है ? लेमिंग की सेना असर रात में चलती ह, जबकि दिन में लेिमंग भोजन करके सोते ह। जडें, टाक तथा मास इनका पसदीदा भोजन है ।
लेिमंग साल में कम से कम दो बार बों को जम देते ह। वसे लेमिंग घोंसलों में रहते ह आर एक घोंसले में बों की सया ३५ होती ।
