साउथ फिल्म इंडस्ट्री की एक और हसीना ने हिंदी फिल्मों का सफर तय कर लिया है। अक्षय कुमार अभिनीत और प्रियदर्शन निर्देशित ‘खट्टा मीठा’ से हिंदी फिल्मों में आ रही है तृषा कृष्णन। साउथ की शीर्ष अभिनेत्रियों में शुमार तृषा चाहती हैं कि हिंदी फिल्मों में उनका सफर नपातुला रहे। यहां तृषा बता रही हैं अपने अब तक के अभिनय सफर के बारे में
सात साल पहले तमिल फिल्मों से मेरे एक्टिंग कैरियर की शुरुआत हुई। मेरी पहली फिल्म के निर्देशक प्रियदर्शन थे। उस समय मैं मॉडलिंग करती थी। एक दिन प्रियदर्शन सर ने मुझसे संपर्क किया और कहा, मैं अपनी फिल्म के लिए नए चेहरे की तलाश कर रहा हूं। क्या तुम इंटरेस्टेड हो ? उस फिल्म के हीरो आर माधवन थे। मैंने हां कह दिया। एकदो दिन के फोटो शूट के बाद शूटिंग शुरू हो गई। इस तरह मेरे एक्टिंग कैरियर की शुरुआत प्रियदर्शन सर और माधवन जैसे दिग्गजों के साथ हुई। इसके बाद मैंने तेलुगु और तमिल की कई फिल्में की और वे सफल भी हुई। मैं अपने कैरियर से संतुष्ट थी।
तभी प्रियदर्शन सर ने ही मुझे हिंदी फिल्म ‘खट्टा मीठा’ के लिए अप्रोच किया। उन्होंने कहा कि एक फिल्म है, जिसमें अक्षय कुमार हैं। फिल्म को प्रोड्यूस भी अक्षय कर रहे हैं। क्या तुम इसमें काम करना चाहोगी ? मैंने सोचा कि पिछले सात साल में मैंने कई तमिल और तेलुगु फिल्में की हैं। यह सही समय है जब हिंदी फिल्मों में अपने कैरियर की शुरुआत करूं। इस बार भी प्रियदर्शन सर की बात को मैंने मान लिया और बन गई ‘खट्टा मीठा’ की हीरोइन।
साउथ फिल्म इंडस्ट्री का मेरा सफर बेहद सुहाना रहा है। मैं हमेशा से ही साउथ फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बनना चाहती थी, क्योंकि मैं वहां से बिलॉंग करती हूं। यह जरूर है कि अब मैं वह सभी फिल्में नहीं करती हूं, जो मुझे ऑफर की जाती हैं। आज मैं जिस पोजीशन पर हूं, उसकी ब़डी वजह साउथ फिल्म इंडस्ट्री से मिला प्यार और दुलार ही तो है।
‘खट्टा मीठा’ टिपिकल प्रियदर्शनअक्षय कुमार टाइप फिल्म है। इसमें सब कुछ है, एक्शन, कॉमेडी, रोमांस और ड्रामा। कह सकती हूं कि यह एक सेंसिबल फिल्म है। दरअसल, खट्टा मीठा एक रोड कॉन्ट्रैक्टर और कलेक्टर के नोकझोंक की कहानी है। दोनों साथ कॉलेज में थे। दोनों के बीच प्यार भी था, फिर उनका ब्रेकअप हो गया। वषा] बाद दोनों की जब मुलाकात होती है, तब उनके बीच प्रोफेशनल ल़डाई और फिर प्यार का सिलसिला शुरू हो जाता है।
‘खट्टा मीठा’ में काम करने के दौरान मुझे लगा कि मैं किसी साउथ फिल्म यूनिट के साथ ही काम कर रही हूं। प्रियदर्शन सर से लेकर सिनेमेटोग्राफर तक सभी के साथ मैं पहले काम कर चुकी थी। बस, अक्षय कुमार को ही नहीं जानती थी। चूंकि अक्षय की हरिओम प्रोडक्शन की फिल्म है खट्टा मीठा, इसलिए मैंने उनकी प्रोडक्शन कंपनी के साथ ही इस फिल्म के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था। फिल्म की जब शूटिंग शुरू हुई, तब मेरी पहली मुलाकात अक्षय के साथ हुई थी। वे इंटेलीजेंट एक्टर हैं। वे जानते हैं कि कब क्या करना चाहिए ? इस फिल्म में उनका स्ट्रॉंग प्वॉइंट कॉमेडी है। उनकी तरह कोई और कॉमेडी नहीं कर सकता।
साउथ फिल्मों में सात साल बिताने और अनुभव पाने के बाद हिंदी फिल्मों में कदम रखने का फायदा और नुकसान दोनों है। नुकसान यह है कि लोग जानते हैं कि मैं काफी फिल्में कर चुकी हूं इसलिए उम्मीदें काफी होंगी। साथ ही मुझे यह भी एहसास है कि मैं न्यू फेस नहीं हूं, तो यह मेरे लिए नुकसानदायक हो सकता है। फायदा यह है कि मैं अनुभवी हूं। भाषा को छ़ोडकर ‘खट्टामीठा’ की शूटिंग करने के दौरान सब कुछ मेरे लिए आसान था।
मैं हिंदी जानती हूं, क्योंकि मैंने स्कूल में हिंदी प़ढी है,पर लगातार हिंदी बोलना मेरे लिए मुश्किल है। चेन्नई में सभी तमिल बोलते हैं इसलिए मुझे हिंदी बोलने की जरूरत नहीं प़डती । मेरे लिए अच्छी बात है कि मैं हिंदी जानती हूं। वैसे भी,मेरे लिए तेलुगु और मलयालम से हिंदी ज्यादा आसान है। मैंने बीस तेलुगु फिल्में की हैं, पर अभी तक तेलुगु नहीं जान पाई हूं।
निश्चित रूप से मैं स्टार एक्ट्रेस बनना चाहती हूं। कमर्शियल फिल्में मेरे लिए बेहद इम्पॉट]ट हैं। मैंने साउथ में कई फिल्में की हैं। पैकेज फिल्में करना चाहती हूं, जो ब़डे बैनर की भी हों और जिनमें मुझे अपना टैलेंट दिखाने का मौका भी मिले। जहां तक नंबर वन की बात है, तो मुझे नहीं लगता कि कोई एक हीरोइन इस पोजीशन पर रह सकती है। यहां भी कभी प्रियंका चोप़डा, ताेे कभी करीना कपूर तो कभी कैटरीना कैफ को नंबर वन कहा जाता है। तमिल फिल्मों में पांचछह एक्ट्रेसेस ही हैं, जो टॉप पर आती रहती हैं। मेरे लिए जरूरी है कि टॉप की हीरोइनों में रहूं और उस पोजीशन को बरकरार रखूं।
