एक हजार साल का हो गया समोसा
भारतीय समाज में नस की बात चले आर समोसे का िजक न हो, यह भला कसे हो सकता ह। समोसे का नाम सुनतेे ही ऐसा कान शस होगा, जो उसे खाने को मचल न उठता हो। भारत में िजस कार पााि आर बगर ने लोगों को अपना दीवाना बना रखा है , उसी कार िवदेशों में भारतीय समोसा फाट फूड के प में काफी लोकिय , लिेकन बहत कम लोगों को यह जानकारी होगी कि समोसे की उम अब एक हजार साल हो चुकी है ।
यह माना जाता ि क१०वीं शतादी में मय एशिया में लाजवाब यजन के प में समोसा लोगों के सामने आया था। १३वीं या १४वीं शतादी में यापारियों के मायम से समोसा भारत पहचा। दीि सतनत के वािन तथा महान कवि अमीर खुसरो ने अपनी पुतक में इस बात का उेख किया ह कि उन दिनों टड मीट वाले घी में डीप फाइ समोसा शाही परिवार के सदयों तथा अमीरों का यि यजन था।
१४वीं शतादी के याी इनबतूता ने अपने वाात में लिखा ह कि मुहमद बिन तुगलक के दरबार में भोजन के दारान मसालेदार मीट, मूगफली तथा बादाम टफ करके तयार किया गया वादि समोसा परोसा गया, जिसे लोगों ने बडे चाव से खाया तथा इस यजन की तारीफ की। १५ वीं शतादी में सूफी कवि मलिक मोहमद जायसी ने अपने सि गथ ‘पावत’ में समोसे में जिक किया ह ( छानि समोसा घिव मह काढे लाग मीरच जह सीधे बढे) यही नहीं, १६वीं शतादी के मुगलकालीन दतावेज ‘आइने अकबरी’ में भी समोसे का वणन किया गया ह। एक हजार साल की अपनी जीवन याा में समोसे ने कभी अपना आकार नहीं बदला। भारत हो या बिटेन, इसराइल हो या अमेरिका, समोसे के पारपरिक काेिणाकार में कभी परिवतन नहीं आया तथा शु से ही इसका आकार तिकोना ही रहा ह इतना अवय हआ कि समोसे के अदर भरी जाने वाली खा सामगी में लोगों की पसद पर समयसमय पर आवयकतानुसार परिवतन आता रहा ।
थानीय लोगों की पसद आर आवयकता के अनुसार लोगों के लिए विभि वेज तथा नानवेज समोसे बाजार में उपलध ह। वसे आजकल मसालेदार आलू टड समोसा ही सबसे यादा बिकता ह। बडी दुकानों तथा रेटोरेंटों में पनीर तथा मेवा मिला समोसा आसानी से मिल आता । पजाबी समोसा खाने में वादि तथा चटपटा होता ह जबकि गोवा मे मासाहारी समोसा अधिक लोकयि ह। चाइनीज यूजिन पसद करने वालों के लिए नूडस सटड समोसा काफी पसद किया जाता ह। यदि किसी को मीठा पसद ह, तो वह वीट समोसे का भी लुफ उठा सकता ।
समोसे की बढती लोकयिता को देखते हए विभि नामीगिरामी कपनियों ने इसे फोजन फूड केे प में भी बाजार में तुत किया ह। शापिंग सेंटरों में यह फोजन फूड के प में उपलध ह। वसे समोसे का असली वाद तो उसे डीप फाइ करने में ही ह जबकि पचिमी देशों में चूकि लोग कम तलाभुना भोजन करते ह, इसे बेक करके खाना यादा पसद किया जाता ह।
वाि काश
