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दूहा िमल गया एक रोमांिटक िफल्म है

swatantravaartha  Sun, 10 Jan 2010, IST

दूहा िमल गया एक रोमांिटक िफल्म है

लगभग तीस िफल्म में अभिनय का जलवा िदखा चुके अभिनेता फरदीन खान आज भी बेहतरीन काम करने के िलए लालाियत रहते है । उनकी कइ हाय फिमें लगातार सफल हइ । आर हाल ही में उनकी नइ हाय फिम ‘दूहा मिल गया’ दशित हइ ह। यह अलग बात ह कि वह इसे हाय िफल्म नहीं बकि रोमाटिकिफल्म मानते ह। साथ ही उहें एक सफलतम हाय कलाकार भी माना जाता है ।

इसी कारण आप अपनी नइ हाय िफल्म ‘दूहा मिल गया’ के दशन को लेकर काफी उसाहित रहे होंगे ?

उ अब तक मने ३० फिमों में अभिनय किया ह। इनमें से ‘नो एटी’, ‘हे बेबी’ तथा ‘आल द बेट’ यह तीन हाय फिमें रही, जो कि सफल भी रहीं। पर लोगों को लगता ह कि म हाय किरदार अछा निभाता ह या हाय फिमें यादा की ह, जबकि ऐसा नहीं ह। सबसे बडा सच यही ह कि अब तक मने रोमाटिक या रोमाचक फिमें ही यादा की ह। लोग कह रहे ह कि ‘दूहा मिल गया’ एक हाय फिम ह, जबकि म तो इसे रोमाटिक फिम मानता ह। हा ! मेरे चरि में थोडा सा हाय ह, योंकि वह किसी को कमिट नहीं करता, जिसकी वजह से कयूजन पदा होता ।

े इस फिम के अपने किरदार के बारे में कुछ बताए ?

प मने इस फिम में तेज धनराज का किरदार निभाया ह, जो बहत धनवान ह। मने फिम ‘हम हो गए आपके’ के बाद इस तरह के किसी धनवान युवक का किरदार नहीं निभाया ह। यू तो बीच में मेरे पास इस तरह के कइ किरदारों के आफर आए थे, पर मने मना कर दिया था। योंकि म पदे पर बिगडा हआ लडका नजर नहीं आना चाहता। तेज धनराज बिगडा हआ नहीं ह। उसके पास पसे ह। उसकी सोच में गहराइ ह। उसके चरि में भी काफी बदलाव आते ह। उसे एक लडकी से यार हो जाता ह आर इस यार की वजह से रितों के ति सोच, एटीटयूड व जीवनमूयों में भी काफी बदलाव आता ।

े फिम के निमाण में काफी देरी हो गयी ?

प हम फिम उाेग से जुडे लोग ही इस बात को जानते ह कि फिम के निमाण में ढाइ साल का व लगा। पर यह बात दशकों को समझ में नहीं आएगी। यहा तक कि जब आप फिम देखेंगे, तो आपको भी कहीं इस बात का अहसास नहीं हो सकता कि फिम के बनने में देरी हइ। फिम के निमाण में यादा समय लगने के पीछे कइ वजहें रही। हम कलाकारों की तारीखों की समया, निर्देशक मुदसर आर निमाता विवेक वासवानी के पिता की मात, मेरे पिता की बीमारी भी एक वजह रही ह।

े फिम में इशिता एक नयी हीरोइन ह। उसको लेकर या कहेंगे ?

प इशिता इस फिम का सराइज पकेज ह। पूरी फिम में इशिता की एक याा ह। अमतसर से वह अमेरिका पहचती ह उसके अदर बदलाव आते ह। समरीत से वह समारा बन जाती ह। तो इस चरि को यथाथद दिखाने के लिए एक नयी अभिनेी की ही जरत थी। उसने बहत अछा काम किया ।

े शाहख खान के साथ काम करने के या अनुभव रहे ?

प शाहख खान के साथ मने एक गाना आर तीन सीन किए ह। उनके साथ काम करने में मुझे बडा मजा आया। वह मेरे एक अछे दोत ह। साथ ही ाेफेनल कलाकार ह। वह हर हाल में अछा काम करना चाहते ह। वह एक बाडेड कलाकार ह। सफल कलाकार ह।

े फिम में निर्देशक मुदसर अजीज को लेकर या कहेंगे ?

प बहत ही तिभाशाली निर्देशक ह। उहोंने सबसे पहले फिम ‘जिंदगी रास’ लिखी थी। इसके अलावा वह कइ निर्देशकों के साथ सहायक के प में काम कर चुके ह। फिम के निमाता विवेक वासवानी उहें जानते थे। जब वह फिम की कहानी आर मेरा किरदार सुनाने आए तो मने महसूस किया कि उहोंने फिम के हर य को लेकर बहत सोचा ह। वह बहत मेयोर ह।

े सुमिता सेन को लेकर या कहेंगे ?

प निजी जीवन में सुमिता सेन मेरी अछी दोत ह। इस फिम में हमने पहली बार एक साथ काम किया आर फिम में भी हम अछे दोत के ही किरदार में ह। सुमिता डायनमिक वूमेन ह। उसकी अपनी जिंदगी ह। हमने बहत रिलस होकर काम िकया ह।

े फिम के सगीत को लेकर या कहेंगे ?

प सगीत तो मुझे बहत पसद आया। फिम का शीषक गीत के अलावा ‘अकेला िदल’, ‘तू तो जान ले’, ‘मेरे पसदीदा गीत ह।’ इन गीतों में मलोडी के साथसाथ आधुनिक आवाज ह। सभी गीत बहत कची ह। यह गीत दिमाग में बस जाते ह सगीतकार के प में ललित पडित ने बहत अछा काम किया ह।

े आपके पिता अपनी चचित फिम ‘कुबानी’ का रीमेक बना रहे थे। अब उसकी या िथति ह ?

प ‘कुबानी’ अब भी बनेगी। फिलहाल इसका ीाेडशन का काम चल रहा ह। यह फिम मेरे दिल के काफी करीब ह। इसके लिए कलाकारों का चयन करना भी कठिन काम ह। हमारी तरफ से कोशिश होगी कि फिम में हर कोइ परफेट हो।

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